चारधाम जा रहे हैं तो सावधान! ढीली हो रही श्रद्धालुओं की जेब, पेट्रोल-डीजल के साथ होटल और टैक्सी भी हुई महंगी

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Petrol- Diesel News: उत्तराखंड में इस समय पर्यटन सीजन अपने चरम पर है. चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले रास्तों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है. लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की यात्रा पहले के मुकाबले काफी महंगी पड़ रही है. एक तरफ पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ होटल और टैक्सी कारोबारियों ने भी अपने रेट बढ़ा दिए हैं. ऐसे में चारधाम यात्रा करने वालों की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है.

पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई परेशानी

पिछले कुछ हफ्तों में उत्तराखंड समेत पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी आई है. इसका असर अब सीधे यात्रा खर्च पर दिखाई देने लगा है. टैक्सी चालकों का कहना है कि डीजल महंगा होने की वजह से किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है. उनका कहना है कि पहाड़ी रास्तों में गाड़ियों का खर्च पहले ही ज्यादा आता है और अब तेल महंगा होने से लागत और बढ़ गई है.

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चारधाम रूट पर बढ़ा टैक्सी किराया

देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश से चारधाम जाने वाली टैक्सियों के किराए में बड़ा इजाफा हुआ है. जानकारी के मुताबिक बद्रीनाथ रूट पर टैक्सी किराया 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा है. केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को भी ज्यादा रकम देनी पड़ रही है और हेमकुंड साहिब रूट पर भी किराया पहले से काफी महंगा हो गया है. जो यात्रा पहले 25 से 30 हजार रुपये में पूरी हो जाती थी, अब उसी के लिए यात्रियों को कई हजार रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं.

होटल वालों ने भी बढ़ाए रेट

सिर्फ टैक्सी ही नहीं, होटल और गेस्ट हाउस के दाम भी तेजी से बढ़े हैं. होटल कारोबारियों का कहना है कि बिजली का खर्च बढ़ गया, खाना पकाने वाली गैस महंगी हो गई और सामान ढुलाई का खर्च भी बढ़ा है. ऐसे में होटल चलाने की लागत बढ़ गई है. इसी वजह से कमरों के रेट बढ़ाने पड़े हैं. कई जगहों पर सामान्य होटल के कमरे भी पिक सीजन में दोगुने दाम पर मिल रहे हैं. श्रद्धालुओं को अब बजट होटल ढूंढने में भी परेशानी हो रही है.

श्रद्धालुओं की बढ़ी चिंता

यात्रियों का कहना है कि चारधाम यात्रा अब पहले जैसी सस्ती नहीं रही. कई परिवारों का बजट बिगड़ गया है. खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यात्रा खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है. कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि आस्था तो है, लेकिन हर चीज इतनी महंगी हो गई है कि खर्च संभालना मुश्किल पड़ रहा है.

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पर्यटन कारोबारियों की क्या है दलील?

टैक्सी और होटल कारोबारियों का कहना है कि वे मजबूरी में दाम बढ़ा रहे हैं. उनके मुताबिक तेल महंगा है, सप्लाई खर्च बढ़ गया, सीजन छोटा होता है और सालभर की कमाई इन्हीं महीनों में होती है. इसी वजह से वो सारा पैसा यात्रियों से वसूल रहे हैं.

क्या करें यात्री?

अगर आप चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले से तैयारी करना जरूरी है. होटल एडवांस में बुक करें, टैक्सी का किराया पहले तय करें. साथ ही पिक डेट्स में यात्रा से बचें और ऑनलाइन बुकिंग कंपेयर करें. इससे कुछ हद तक खर्च कम किया जा सकता है.

आगे और महंगी हो सकती है यात्रा?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पेट्रोल-डीजल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा और महंगी हो सकती है. फिलहाल श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन बढ़ती महंगाई ने उनकी जेब जरूर ढीली कर दी है.



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