- छात्रों ने सीबीएसई मुख्यालय पर की विरोध प्रदर्शन, मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए सवाल.
- एन.एस.यू.आई. ने मूल्यांकन में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की.
- अपेक्षा से कम अंक मिलने पर छात्रों और अभिभावकों में चिंता.
- निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन प्रणाली लागू करने की उठी पुरजोर मांग.
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रणाली को लेकर छात्रों के बीच बढ़ती नाराजगी अब सड़कों तक पहुंच गई है. शनिवार को दिल्ली स्थित CBSE मुख्यालय के बाहर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने विरोध प्रदर्शन कर मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की.संगठन का कहना है कि मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों के कारण कई छात्रों को अपेक्षा से कम अंक मिले हैं, जिससे उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है.
छात्रों की शिकायतों को लेकर CBSE मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन
दिल्ली के पटपड़गंज स्थित CBSE मुख्यालय के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और NSUI कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान OSM मूल्यांकन प्रणाली में कई ऐसी कमियां हैं, जिनके कारण छात्रों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप अंक नहीं मिल पा रहे हैं. इस दौरान छात्रों ने बोर्ड से जवाबदेही तय करने और उनकी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की.
परिणामों को लेकर छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि कई परीक्षार्थियों ने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन घोषित परिणाम उनकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे.इससे छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों के बीच भी असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी हुई है.छात्रों का मानना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता है.
निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन प्रणाली लागू करने की मांग
NSUI ने मांग की कि मूल्यांकन प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए.संगठन का कहना है कि यदि किसी स्तर पर त्रुटियां हुई हैं तो उनकी पहचान कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए. साथ ही छात्रों को न्याय दिलाने के लिए एक प्रभावी और पारदर्शी पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था लागू की जाए.
प्रदर्शनकारियों ने रखीं कई अहम मांगें
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और संगठन के प्रतिनिधियों ने OSM प्रणाली की समीक्षा, मूल्यांकन संबंधी त्रुटियों की जवाबदेही तय करने, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी मांगें रखीं.उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में छात्रों का विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है.
यह भी पढ़ें – CBSE का बड़ा अपडेट, अगले साल से DigiLocker पर मिलेंगी स्कैन की गई आंसर शीट
NSUI ने छात्रों के हितों की लड़ाई जारी रखने का किया दावा
सभा को संबोधित करते हुए NSUI नेतृत्व ने कहा कि प्रत्येक उत्तर पुस्तिका के पीछे छात्रों की वर्षों की मेहनत और परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं.ऐसे में मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती.संगठन ने कहा कि वह प्रभावित छात्रों के साथ खड़ा है और उनकी समस्याओं के समाधान तक अपनी आवाज उठाता रहेगा.
सुधार नहीं हुए तो आंदोलन को मिलेगा राष्ट्रीय स्वरूप
NSUI ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और मूल्यांकन प्रक्रिया में आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो आंदोलन को देशभर में और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा.संगठन का कहना है कि शिक्षा से जुड़े किसी भी मुद्दे पर छात्रों के हितों से समझौता नहीं किया जा सकता और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है.
यह भी पढ़ें – NEET री-एग्जाम के लिए सेंटर्स पर हो सकती है पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती, NTA ने तैयार किया ब्लूप्रिंट
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI