Low Effort Love बना नया ट्रेंड.. रिश्तों में क्यों घट रही मिठास, कैसे पा सकते हैं इससे छुटकारा?

88c5ea6001c013ccd18e70cd188e23c117798728150141257 original


Why Modern Relationships Are Losing Emotional Connection: आज के डिजिटल दौर में रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे. शुरुआत में प्यार, उत्साह और घंटों चलने वाली बातें धीरे-धीरे सिर्फ छोटे जवाबों और जरूरी बातचीत तक सिमटती जा रही हैं. अब रिश्तों में एक नया चलन तेजी से चर्चा में है, जिसे लोग लो एफर्ट लव कह रहे हैं. यानी ऐसा रिश्ता, जहां प्यार तो होता है, लेकिन उसे निभाने की कोशिश धीरे-धीरे खत्म होने लगती है.

क्या होता है लो एफर्ट?

असल में लो एफर्ट लव का मतलब सिर्फ भूल जाना या व्यस्त रहना नहीं है. यह वह स्थिति है, जब साथी रिश्ते में बहुत कम समय, भावना और एनर्जी लगाता है. शुरुआत में सब सामान्य लगता है, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ते की मिठास कम होने लगती है. बातचीत कम हो जाती है, साथ समय बिताने की इच्छा घट जाती है और रिश्ता सिर्फ निभाने भर तक सीमित रह जाता है. 

इसे भी पढ़ें –  Single Lifestyle Trends: स्वीडन से जर्मनी तक… क्यों इन देशों में अकेले रहकर खुश हैं लोग? जानें सिंगल लाइफ के राज

इसके पीछे क्या होते हैं कारण?

आज की आधुनिक डेटिंग कल्चर को भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है. सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स ने रिश्तों को बेहद आसान बना दिया है. एक क्लिक में नया जुड़ाव मिल जाता है, लेकिन इसी आसानी ने लोगों को इमोशनल रूप से दूर भी कर दिया है. सोशल मीडिया पर दिखने वाले परफेक्ट रिश्ते लोगों की उम्मीदें बदल रहे हैं. कई लोग असली रिश्तों में जरूरी मेहनत करने के बजाय सिर्फ दिखावे या सुविधाजनक प्यार तक सीमित हो रहे हैं.

इमोशन खुलकर जाहिर नहीं करते हैं लोग?

एक बड़ी वजह लोगों का अपनी इमोशन खुलकर जाहिर न करना भी है. कई लोग अपने मन की बातें सामने रखने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें अस्वीकार किए जाने या जरूरत से ज्यादा जुड़ाव दिखने का डर रहता है. इसके अलावा भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्ते धीरे-धीरे दूसरी प्राथमिकता बनते जा रहे हैं. लो एफर्ट रिश्ते के कुछ संकेत साफ दिखाई देने लगते हैं. जैसे हर बार आप ही बातचीत शुरू करें, मिलने का कार्यक्रम बनाएं या झगड़े के बाद रिश्ता संभालने की कोशिश करें. कई जोड़ों के बीच बातचीत सिर्फ रोजमर्रा के कामों तक सीमित रह जाती है. दिल की बातें, भावनात्मक सहारा और भविष्य को लेकर चर्चा लगभग खत्म हो जाती है.

 दूरी को सामान्य मानने लगते हैं लोग?

धीरे-धीरे रिश्ता ऐसा लगने लगता है जैसे उसमें सब कुछ है, लेकिन फिर भी कुछ कमी है. सबसे खतरनाक बात यह है कि लोग इस दूरी को सामान्य मानने लगते हैं. कई बार इंसान इतना समझौता कर लेता है कि उसे एहसास ही नहीं होता कि वह इमोशनल उपेक्षा झेल रहा है. एक्सपर्ट मानते हैं कि लंबे समय तक ऐसे रिश्ते में रहने से आत्मविश्वास कम हो सकता है. इंसान खुद को कमतर समझने लगता है और हमेशा कोशिश करते-करते मानसिक रूप से थक जाता है. रिश्ते में चुप्पी, नाराजगी और अकेलेपन की भावना बढ़ने लगती है.

कैसे निकल सकते हैं इससे?

हालांकि इससे बाहर निकलना नामुमकिन नहीं है. एक्सपर्ट के मुताबिक, रिश्तों में मिठास वापस लाने के लिए बड़े सरप्राइज नहीं, बल्कि छोटी और लगातार कोशिशें जरूरी होती हैं. साथी की बातें ध्यान से सुनना, समय निकालना, छोटी-छोटी चीजें याद रखना और भावनात्मक सहारा देना रिश्ते को मजबूत बनाता है.

इसे भी पढ़ें- पति कर रहा हद से ज्यादा प्यार तो संभल जाएं आप, आपके बीच किसी तीसरे की हो सकती है आहट

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *