‘पंजाब में हिंदू-सिख साथ मिलकर देख रहे हैं…’, ‘सतलुज’ पर लगे प्रोपेगैंडा के आरोपों पर भड़के डायरेक्टर हनी त्रेहान

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मशहूर पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अब इस बीच फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें इसे एक ‘प्रोपेगैंडा फिल्म’ कहा जा रहा था. फिल्म पर समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने के आरोप भी लगाए गए हैं, जिस पर डायरेक्टर ने दावा किया कि जमीनी हकीकत कुछ और ही है. चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कहा. 

फिल्म ने पंजाब को एकजुट किया है, तोड़ा नहीं…
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए निर्देशक हनी त्रेहान ने कहा, ‘क्या फिल्म को बैन करना सही है? वो कह रहे हैं कि मेरी फिल्म से पंजाब की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. इसके उलट, मेरी फिल्म ने तो वास्तव में पंजाब को एकजुट किया है. आप पंजाब जाकर खुद देखिए, लोग साथ मिलकर ये फिल्म देख रहे हैं. वो कह रहे हैं कि ये फिल्म समाज को बांट रही है और हिंदू-सिखों में दरार पैदा कर रही है, लेकिन असलियत में दोनों समुदाय इसे साथ देख रहे हैं.’

सरकार के दखल के बाद बढ़ा विवाद…
उन्होंने आगे कहा, ‘इस फिल्म का मकसद किसी को भड़काना नहीं था. मेरी फिल्म उन लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने जैसी है जिन्होंने उस दौर में बहुत कुछ झेला है. मुझे नहीं लगता कि इसे बैन करने की कोई वजह थी.’ बातचीत के दौरान हनी त्रेहान ने तर्क दिया कि विवाद तब शुरू हुआ, जब सरकार ने इसमें दखल दिया. उन्होंने कहा कि जब तक फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर थी, लोग इसे शांति से देख रहे थे.

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निर्देशक ने कहा, ‘शुरुआती 48 घंटों में लोग अपने घरों में शांति से मेरी फिल्म देख रहे थे. तब कोई समस्या नहीं थी, लेकिन सरकार ने फिल्म को बैन कर दिया और अब ये एक आंदोलन बन चुका है. पिछले 10 दिनों से हर कोई शांति के साथ फिल्म देख रहा है, यहां तक कि लोगों को लंगर भी परोसा जा रहा है.’

हमारे देश में ये भेदभाव क्यों?
राजनीतिक मैसेज देने वाली अन्य फिल्मों का हवाला देते हुए हनी त्रेहान ने कहा, ‘अगर आप मेरी फिल्म को प्रोपेगैंडा फिल्म कह भी रहे हैं, तो इसे उसी तरह रिलीज होने दीजिए जैसे आपने बाकी प्रोपेगैंडा फिल्मों को होने दिया. ये भेदभाव क्यों? हमारा देश बहुत बड़ा है. कोई एक फिल्म देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान नहीं पहुंचा सकती.’

क्यों हटाई गई फिल्म ‘सतलुज’?
आपको बता दें कि ‘सतलुज’ का प्रीमियर 3 जुलाई को भारत में ZEE5 पर हुआ था, लेकिन महज 48 घंटों के भीतर इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि फिल्म को सर्टिफिकेशन प्रोसेस पूरी किए बिना रिलीज किया गया था. मंत्रालय के मुताबिक, ये ओटीटी रिलीज तय नियमों के हिसाब से नहीं थी, जिसके बाद ZEE5 को फिल्म को अपने भारतीय कैटलॉग से हटाने के निर्देश दिए गए.

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