कॉन्सर्ट्स और शाही शादियों से इवेंट इंडस्ट्री में बूम, तकनीक में भी चीन को टक्कर दे रहा भारत

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क्या आपने हाल ही में किसी बड़े स्टेडियम में कोई लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट देखा? या सोशल मीडिया पर राजस्थान की किसी शाही शादी जैसे लग्जरी डेस्टिनेशन वेडिंग का वीडियो देखा, जिसमें शानदार लाइटें, बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन और डीजे का जबरदस्त साउंड होता है? भारत में आजकल ऐसे भव्य इवेंट्स का चलन काफी तेजी से बढ़ा है. लोग अब सिर्फ कोई इवेंट नहीं देखते, वे एक बेहतरीन एक्सपीरियंस चाहते हैं. इसी कॉन्सर्ट इकोनॉमी और लग्जरी शादियों के कारण भारत का प्रोफेशनल ऑडियो, विजुअल और लाइटिंग उद्योग बहुत तेजी से तरक्की कर रहा है. 

एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत की लाइव इवेंट्स इंडस्ट्री आने वाले कुछ ही वर्षों में 15000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी. वहीं, भारत का अपना घरेलू प्रो-एवी बाजार भी 2034 तक 150 मिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

शादियां अब बन चुकीं मिनी फेस्टिवल

भारत में शादियों का मतलब अब सिर्फ रस्में निभाना नहीं रह गया है. मेगा साउंड इंडिया के एमडी सिद्धार्थ चौहान के मुताबिक, राजस्थान के उदयपुर और जयपुर जैसे कल्चरल शहरों में होने वाली शाही शादियां अब मिनी फेस्टिवल की तरह होती हैं. कई-कई दिन चलने वाली इन शादियों में 25 से ज्यादा कलाकार परफॉर्म करते हैं. इसका नतीजा यह है कि अकेले राजस्थान का ही वेडिंग मार्केट 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो चुका है. 

होटल और टूरिज्म को कॉन्सर्ट्स से बंपर फायदा

आजकल बड़े-बड़े स्टेडियम हजारों दर्शकों से खचाखच भर जाते हैं. पाम एक्सपो के फाउंडर डायरेक्टर अनिल चोपड़ा कहते हैं कि इस स्टेडियम-स्केल कॉन्सर्ट इकोनॉमी का फायदा सिर्फ इवेंट कंपनियों को नहीं हो रहा है, बल्कि इससे हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में बड़ा मल्टीप्लायर इफेक्ट देखने को मिल रहा है. दरअसल, जब कोई बड़ा शो होता है तो आसपास के होटल भर जाते हैं, टैक्सियां बुक हो जाती हैं और स्थानीय व्यापार को पंख लग जाते हैं. 

एलईडी स्क्रीन और तकनीक में चीन को चुनौती

अभी तक पूरी दुनिया में 90% से ज्यादा एलईडी स्क्रीन्स का उत्पादन चीन में होता था, लेकिन अब भारत इस मामले में चीन का ऑप्शन बन रहा है. एक्सट्रीम मीडिया के एमडी संकेत रंभिया के मुताबिक, भारत का एलईडी डिस्प्ले का बाजार लगभग 2000 करोड़ रुपये का हो चुका है और यह हर साल 15 पर्सेंट की रफ्तार से बढ़ रहा है. इसमें से सिर्फ किराए पर स्क्रीन देने का काम ही करीब 650 करोड़ रुपये का है. 

मुंबई में लगा तकनीक और दिग्गजों का महाकुंभ

गौरतलब है कि देश की इस तरक्की को दिशा देने के लिए मुंबई के बॉम्बे एक्जीबिशन सेंटर में 28 से 30 मई 2026 तक पाम एवी-आइसीएन एक्सपो 2026 का 24वां एडिशन आयोजित किया गया. इसमें इन्फॉर्मा मार्केट्स इंडिया के एमडी योगेश मुद्रास ने बताया कि अत्याधुनिक आयोजन स्थलों के कारण सिर्फ एंटरटेनमेंट लाइटिंग का बाजार 9 पर्सेंट की रफ्तार से बढ़ रहा है. माना जा रहा है कि यह मार्केट 2031 तक 18 बिलियन डॉलर का हो जाएगा.

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