Hormuz Crisis: 170 KM वाले होर्मुर्ज से बचने के लिए दुबई की कंपनी ने बनाया प्लान, अब ऐसे निकलेंगे जहाज

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Hormuz Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर से संकट की स्थिति में है. ईरान और यूएस के बीच दोबारा शुरू हुए युद्ध ने एक बार फिर से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. इसी बीच दुबई की एक कंपनी ने जहाजों को अपने यहां तक लाने के लिए एक नया प्लान बना लिया है, जिसकी मदद से अब आसानी से दुबई तक तेल और गैस के जहाज पहुंच जाएंगे. आइये बताते हैं कौन सी है ये कंपनी और क्या है इसका मास्टर प्लान.

इस कंपनी ने बनाया मास्टर प्लान
दरअसल दुबई की पोर्ट ऑपरेटिंग कंपनी डीपी वर्ल्ड संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पूर्वी तट पर नया बंदरगाह (पोर्ट) और कंटेनर टर्मिनल बनाने की प्लानिंग कर रही है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य करीब 170 किलोमीटर लंबे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम करना और समुद्री व्यापार के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करना है.

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क्या कहा गया है रिपोर्ट में?
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी फुजैराह (Fujairah) के तटीय क्षेत्र में एक नया मल्टीपर्पज पोर्ट बनाने और वहां पहले से मौजूद पोर्ट पर नया कंटेनर टर्मिनल बनाने को लेकर बातचीत कर रही है. हालांकि, कंपनी ने अभी इस परियोजना की आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

अभी किस पोर्ट का हो रहा है इस्तेमाल?
फिलहाल दुबई का जेबेल अली पोर्ट डीपी वर्ल्ड का सबसे बड़ा और प्रमुख पोर्ट है. इस पोर्ट से आने-जाने वाले जहाजों को खाड़ी से बाहर निकलने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरना पड़ता है. ये दुनिया के सबसे बिजी समुद्री व्यापार वाले रास्तों में से एक है और वैश्विक तेल- गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा भी इसी रास्ते से होता है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव या व्यवधान अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है.

बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच फरवरी से शुरू हुए युद्ध को जून में विराम लगाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में ये युद्ध दोबारा से शुरू हो गया. अब इसकी वजह से एक बार फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट की स्थिति में है और तमाम देशों की अर्थव्यवस्था भी डगमगाने की कगार पर है.

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