8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का दौर चल रहा है. इसमें हो रही देरी के चलते कर्मचारी वर्ग काफी परेशान है. इसी बीच अब पश्चिम बंगाल सरकार ने 9 सदस्यों की एक हाईलेवल कमेटी का गठन कर दिया है. जिसकी कमान रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना देसाई को सौंपी गई है. इस खबर के बाद से ही एक बार फिर से कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच खलबली मच गई है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) 2026 के ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए 9 सदस्यीय हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है. जिसकी कमान रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है. इस खबर के बाद से ही दिल्ली से कोलकाता तक कर्मचारी वर्गों में उथल- पुथल मच गई है.
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किस बात की है चिंता?
जस्टिस रंजना देसाई पहले से ही 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की चेयरपर्सन हैं. ऐसे में कुछ कर्मचारियों को चिंता है कि नई जिम्मेदारी मिलने से वेतन आयोग का काम धीमा पड़ सकता है और उसकी रिपोर्ट आने में देरी हो सकती है. हालांकि, अब तक केंद्र सरकार या 8वें वेतन आयोग की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं आया है, जिसमें कहा गया हो कि नई जिम्मेदारी की वजह से आयोग के काम पर असर पड़ेगा. इसलिए फिलहाल इसे केवल कर्मचारियों की आशंका माना जा रहा है.
NPS कर्मचारी संघ ने दी प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने इसमें जस्टिस देसाई को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं. साथ ही उन्होंने कर्मचारियों की ओर से ये सवाल भी उठाया कि क्या इससे 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट तय समय पर आएगी.
बता दें कि फिलहाल लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं. सभी की नजर इस बात पर है कि आयोग अपनी रिपोर्ट कब पेश करेगा और वेतन तथा पेंशन में कितनी बढ़ोतरी की सिफारिश करेगा. अभी इस आयोग की लगातार बैठकें चल रही हैं जिसको लेकर कर्मचारी वर्ग में काफी उम्मीद भी नजर आ रही है.