NEET UG Result 2026: इस बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची नीट की कटऑफ, जनरल में 69 और आरक्षित वर्ग में 64 अंकों का उछाल

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NEET UG Result 2026: एनटीए की ओर से नीट यूजी परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब जल्द ही एमबीबीएस कॉलेज में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इस बार रिजल्ट नीट के रिजल्ट ने कई नए रिकॉर्ड भी बनाएं. हालांकि, सबसे दिलचस्प तस्वीर यह देखने को मिली है कि एक ओर परीक्षा क्वालीफाइंग कट ऑफ अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई, वहीं दूसरी और पिछले साल की तुलना में करीब 1.15 लाख कम उम्मीदवार परीक्षा में क्वालीफाई कर सके.

इसे लेकर एनटीए का कहना है कि री एग्जाम के कारण उम्मीदवारों को तैयारी के लिए एक्स्ट्रा समय मिला और परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसकी वजह से कट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 

जनरल में 69 तो आरक्षित वर्ग में 64 अंकों की बढ़ोतरी 

इस साल जनरल और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए क्वालीफाइंग कट ऑफ 144 अंकों से बढ़कर 213 अंक हो गई. यानी सिर्फ एक साल के अंदर 69 अंकों का उछाल आया है. वहीं ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लिए कट ऑफ 113 से बढ़कर 177 अंक पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में 64 अंक ज्यादा है. यह नीट यूजी के इतिहास की सबसे बड़ी क्वालीफाइंग कट ऑफ मानी जा रही है. 

3 साल में कैसे बदली क्वालीफाइंग कट ऑफ? 

अगर पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कट ऑफ में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2024 में जनरल और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए न्यूनतम क्वालीफाइंग स्कोर 162 अंक था. 2025 में यह घटकर 144 रह गया, लेकिन 2026 में सीधे 213 अंक तक पहुंच गया. इस तरह ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग में न्यूनतम स्कोर 2024 में 127, 2025 में 113 और इस साल यानी 2026 में 177 हो गया.

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कम छात्र पहुंचे थे परीक्षा देने, इसलिए आया बड़ा अंतर 

इस बार के नीट एग्जाम में रजिस्ट्रेशन की संख्या लगभग पिछले साल के बराबर रही. इस बार करीब 22.80 लाख छात्रों ने आवेदन किया, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 22.76 लाख था, लेकिन परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या इस बार घट गई. पिछले साल जहां 22.09 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे वहीं इस बार केवल 19.99 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए. इसके कारण उपस्थित प्रतिशत 97.1 से घटकर 87.7 प्रतिशत रह गया. इसके अलावा इस साल कुल 11.21 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालीफाई की, जबकि पिछले साल यह संख्या 12.37 लाख थी. यानी इस बार करीब 1.15 लाख कम छात्र सफल हुए. हालांकि परीक्षा देने वाले छात्रों के हिसाब से सफलता दर लगभग 56 प्रतिशत बनी रही. इससे संकेत मिलता है कि क्वालीफाई करने वालों की संख्या इसलिए घटी क्योंकि इस बार बड़ी संख्या में रजिस्टर्ड उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हुए.

किस कैटेगरी का प्रदर्शन रहा सबसे बेहतर? 

इस बार ईडब्ल्यूएस वर्ग का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा है. इस कैटेगरी के 61.8 प्रतिशत उम्मीदवार क्वालीफाई करने में सफल रहे, इसके बाद ओबीसी वर्ग का सफलता प्रतिशत 60.7 रहा. एसी वर्ग में 52.4 प्रतिशत जनरल वर्ग में 51.2 प्रतिशत और एसटी वर्ग में 49 प्रतिशत उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की. पहली बार ईडब्ल्यूएस और ओबीसी दोनों वर्ग में परीक्षा देने वाले 60 प्रतिशत से ज्यादा उम्मीदवार सफल हुए हैं. वहीं आंकड़ों की बात करें तो एनटीए के अनुसार सबसे ज्यादा 5.2 लाख ओबीसी उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की, इसके बाद जनरल वर्ग के 2.91 लाख, एसी के 1.59 लाख, ईडब्ल्यूएस के 95,026 और एसटी वर्ग के 63,716 उम्मीदवार क्वालीफाई हुए हैं. वहीं पीडब्ल्यू बीडी कैटेगरी में 8,912 में से 3,666 सफल रहे. 

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