RBI Action On Muthoot Finance: अगर आपने भी मुथूट फाइनेंस से गोल्ड लोन या कोई दूसरे लोन लिया है तो ये खबर आपके काम की है. भारतीय रिजर्व बैंक ने नियामकीय नियमों का पालन नहीं करने पर मुथूट फाइनेंस समेत छह वित्तीय कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है. हालांकि, ये कार्रवाई कंपनी की नियामकीय चूक से जुड़ी है और इसका मौजूदा ग्राहकों के लोन, ब्याज दर या बैंकिंग सेवाओं पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा.
मुथूट फाइनेंस पर कितना जुर्माना लगा?
RBI ने मुथूट फाइनेंस पर 5.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. केंद्रीय बैंक के मुताबिक, कंपनी ने केवाईसी डायरेक्शन, 2016 के कुछ प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं किया. यह कार्रवाई नियामकीय जांच में सामने आई कमियों के आधार पर की गई है.
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क्या रही RBI की आपत्ति?
RBI के अनुसार, मुथूट फाइनेंस ने खातों की रिस्क कैटेगरी की समय-समय पर समीक्षा करने की उचित व्यवस्था नहीं की थी. इसके अलावा, संदिग्ध लेनदेन की पहचान और रिपोर्टिंग के लिए कंपनी के पास पर्याप्त मजबूत सॉफ्टवेयर सिस्टम नहीं था. इन्हीं कमियों को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने जुर्माना लगाया.
क्या ग्राहकों को घबराने की जरूरत है?
नहीं, अगर आपने मुथूट फाइनेंस से लोन लिया है तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आरबीआई ने बताया कि ये जुर्माना नियामकीय अनुपालन से जुड़ा मामला है. इसका मतलब ये नहीं है कि कंपनी के ग्राहकों के लोन, जमा राशि या अन्य सेवाओं पर कोई असर पड़ेगा. कंपनी की सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी.
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इन कंपनियों पर भी हुई कार्रवाई
मुथूट फाइनेंस के अलावा आरबीआई ने अवेल फाइनेंस सर्विस, पैन इमामी कॉस्मेड लिमिटेड, सत्या माइक्रोकैपिटल लिमिटेड, धानी लोन्स एंड सर्विसेज लिमिटेड और मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस लिमिटेड पर भी अलग-अलग कारणों से जुर्माना लगाया है. इन कंपनियों पर नियामकीय मानकों के उल्लंघन के चलते कार्रवाई की गई है.