Can Erectile Dysfunction Be A Sign Of Heart Disease: उम्र बढ़ने के साथ शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है. अक्सर पुरुष थकान, खराब नींद, खर्राटे या यौन स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को सामान्य उम्र बढ़ने का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि ये समस्याएं सिर्फ रोजमर्रा की दिक्कतें नहीं हैं, बल्कि कई बार हार्ट और ब्लड वेसल्स से जुड़ी गंभीर बीमारियों की शुरुआती चेतावनी भी हो सकती हैं.
25 वर्षों का अनुभव रखने वाले कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो में ऐसे चार संकेतों के बारे में बताया, जिन्हें पुरुष अक्सर हल्के में लेते हैं. उनके मुताबिक, ये लक्षण भविष्य में होने वाली हार्ट संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकते हैं.
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को क्यों नहीं लेना चाहिए हल्के में?
सबसे महत्वपूर्ण संकेतों में से एक है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन . डॉ. लंदन के अनुसार, इसे केवल यौन हेल्थ की समस्या समझना बड़ी गलती हो सकती है. दरअसल, इरेक्शन से जुड़ी आर्टरीज शरीर की सबसे पतली ब्लड वेसल्स में शामिल होती हैं. जब इनमें ब्लॉकेज या ब्लड फ्लो में कमी आने लगती है, तो इसका असर सबसे पहले यौन स्वास्थ्य पर दिखाई दे सकता है. यही वजह है कि कई बार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, सीने में दर्द या हार्ट अटैक जैसे लक्षण आने से कई साल पहले ही दिल की बीमारी का संकेत दे देता है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि यदि अचानक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या शुरू हो जाए तो केवल दवा लेने के बजाय हार्ट की जांच भी करानी चाहिए.
इसे भी पढ़ेंः Best Time To Drink Tea: सुबह की चाय या शाम की चाय? जानिए आपकी सेहत के लिए कौन-सा समय है सबसे बेहतर
लो टेस्टोस्टेरोन भी एक वजह
डॉ. लंदन ने दूसरा महत्वपूर्ण संकेत लो टेस्टोस्टेरोन बताया. बहुत से पुरुष इसे बढ़ती उम्र का सामान्य असर मान लेते हैं, लेकिन उनके अनुसार इसके पीछे पेट के आसपास बढ़ती चर्बी, खराब नींद और फिजिकल एक्टिविटी की कमी जैसी वजहें हो सकती हैं. यदि इन कारणों को समय रहते नियंत्रित कर लिया जाए तो हार्मोनल स्वास्थ्य में सुधार संभव है. इसलिए किसी भी दवा या सप्लीमेंट की ओर बढ़ने से पहले लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है.
कब शुरू करना चाहिए हार्ट का ध्यान रखना?
तीसरा संकेत है दिल की बीमारी का पुरुषों में जल्दी दिखाई देना. डॉ. लंदन बताते हैं कि महिलाओं को मेनोपॉज तक एस्ट्रोजन हार्मोन से हार्ट सुरक्षा मिलती रहती है, जबकि पुरुषों में यह सुरक्षा नहीं होती. यही कारण है कि पुरुषों में हार्ट रोग महिलाओं की तुलना में लगभग एक दशक पहले विकसित हो सकता है. इसलिए हार्ट की सेहत का ध्यान 60 साल की उम्र में नहीं, बल्कि 30 और 40 की उम्र से ही शुरू कर देना चाहिए.
तेज खर्राटे भी एक तरह के सिग्नल
चौथा संकेत है स्लीप एपनिया. अगर किसी व्यक्ति को तेज खर्राटे आते हैं, रात में बार-बार नींद टूटती है या पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान महसूस होती है, तो यह स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है. डॉ. लंदन चेतावनी देते हैं कि यह स्थिति हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट रिद्म की गड़बड़ी और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा सकती है. चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में पुरुष इस समस्या से पीड़ित होते हैं, लेकिन उन्हें इसका पता ही नहीं होता.
इसे भी पढ़ेंः Late Night Eating Heart Health Side Effects: रात 9 बजे के बाद खाते हैं खाना, दिल को हो सकता है बड़ा नुकसान
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
Calculate The Age Through Age Calculator