
इन शादियों में फोकस दिखावे पर नहीं, बल्कि विरासत, टेक्सटाइल और असली स्टाइल पर रहा. यहां हर आउटफिट सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि एक कहानी और संस्कृति का हिस्सा था, यही वजह है कि ये शादियां आज भी लोगों के बीच याद की जाती हैं.

इन शादियों में फोकस दिखावे पर नहीं, बल्कि विरासत, टेक्सटाइल और असली स्टाइल पर रहा. यहां हर आउटफिट सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि एक कहानी और संस्कृति का हिस्सा था, यही वजह है कि ये शादियां आज भी लोगों के बीच याद की जाती हैं.