कंस्ट्रक्शन सेक्टर में आ रही नई क्रांति, अब बनेंगे सस्ते-मजबूत और एनवायरनफ्रेंडली घर!

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क्या आप जानते हैं कि आने वाले समय में हमारा देश, हमारे घर और हमारी सड़कें कितनी तेजी से बदलने वाले हैं? अगर आप अपना घर बनाने की सोच रहे हैं या रियल एस्टेट में निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि भारत का कंस्ट्रक्शन सेक्टर किस दिशा में जा रहा है? 

घर बनाना होगा मॉडर्न और सस्ता

आज के समय में घर बनाना काफी महंगा और समय लेने वाला काम है, लेकिन अब कई नई तकनीक आ चुकी हैं, जो इस परेशानी को दूर कर सकती हैं. इनमें से एक है प्रीकास्ट टेक्नोलॉजी, जिसमें फैक्ट्री में पहले से बनी दीवारों और छत को सिर्फ जोड़ना होता है. इस तरह के नए तरह के सीमेंट और कंस्ट्रक्शन केमिकल जैसी चीजों से घर बहुत तेजी से और मजबूती के साथ बनाए जा सकेंगे. बता दें कि इस तरह की तकनीक को लेकर मुंबई में वर्ल्ड ऑफ कंक्रीट इंडिया 2026 एग्जिबिशन के 12वें एडिशन का आयोजन किया गया. इसमें बताया गया कि नई-नई तकनीकों से भविष्य में बनने वाले घर न सिर्फ मजबूत होंगे, बल्कि आम आदमी के बजट में भी आएंगे.

अब पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना होगा कंस्ट्रक्शन

जब भी कोई बिल्डिंग बनती है तो बहुत धूल और प्रदूषण होता है. नेशनल काउंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मैटेरियल्स के डीजी डॉ. एलपी सिंह के मुताबिक, भारत में सीमेंट का उत्पादन बहुत तेजी से बढ़ रहा है. 2047 तक भारत आज के मुकाबले 4 गुना ज्यादा सीमेंट बनाने लगेगा, लेकिन यह सारा विकास इको-फ्रेंडली होगा. दरअसल, अब ऐसा सीमेंट और सामान बनाया जा रहा है, जिससे कार्बन का उत्सर्जन कम हो और प्रदूषण न फैले.

पक्की होंगी सड़कें, गड्ढों से मिलेगी छुट्टी!

बारिश के मौसम में सड़कों पर होने वाले गड्ढे हर किसी को परेशान करते हैं. मुंबई नगर निगम के डिप्टी चीफ इंजीनियर डॉ. विशाल ठोंबरे के मुताबिक, कोलतार की सड़कें जल्दी खराब हो जाती हैं. ऐसे में अब सड़कों को कंक्रीट से बनाया जा रहा है. सिर्फ मुंबई में ही 2035 किमी सड़कों में से 1400 किमी सड़कों को कंक्रीट से बनाया गया है. ये सड़कें न सिर्फ कई साल तक चलेंगी, बल्कि आम जनता को बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम और गड्ढों से भी छुटकारा दिलाएंगी.

कितना बढ़ जाएगा कंस्ट्रक्शन सेक्टर?

इन्फॉर्म मार्केट्स इन इंडिया के एमडी योगेश मुद्रास के मुताबिक, देश का कंस्ट्रक्शन सेक्टर 2030 तक 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. ट्रांसपोर्ट, हाई-स्पीड रेल और लॉजिस्टिक कॉरिडोर में इनवेस्टमेंट बढ़ने से कंस्ट्रक्शन सेक्टर काफी तेजी से बढ़ रहा है.

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