Rajesh Exports News: देश के जाने-माने कारोबारी राजेश मेहता और उनकी गोल्ड एक्सपोर्ट कंपनी हाल ही के दिनों में जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है. ये मामला तब सामने आया जब एक शिकायत के आधार पर कंपनी के लेन-देन और कारोबार की गतिविधियों की जांच शुरू हुई. जिसके बाद सामने आया कि कंपनी ने करोड़ों का घोटाला किया है. सबसे पहले जानते हैं राजेश एक्सपोर्ट्स के मालिक के बारे में.
कौन हैं राजेश मेहता?
राजेश एक्सपोर्ट्स के मालिक का नाम राजेश मेहता है, जो भारत के सबसे बड़े सोना निर्यातकों (Exporters) में से एक हैं. बैंगलोर के रहने वाले राजेश मेहता ही राजेश एक्सपोर्ट्स के संस्थापक और चेयरमैन हैं. उनकी इस कंपनी में गोल्ड की रिफाइनिंग, ज्वेलरी मेकिंग और एक्सपोर्ट किया जाता है. राजेश एक्सपोर्ट भारत की लोकल कंपनी नहीं बल्कि वैश्विक वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुकी कंपनी है. साल 2017 में राजेश का नाम फोर्ब्स की सबसे ज्यादा अमीर लोगों की लिस्ट में 61वें नंबर पर था.
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कैसे हई कारोबार की शुरुआत
राजेश मेहता ने अपने कारोबार की शुरुआत महज 1200 रुपये के साथ की थी, वो भी उन्होंने अपने भाई से उधार लिए थे. इन पैसों से राजेश ने चांदी के गहनों का छोटा सा कारोबार शुरू किया. वो एक शहर से ज्वेलरी खरीदकर दूसरे शहर में बेचते थे और धीरे-धीरे व्यापार बढ़ाते गए. 1989 में महज 10 कर्मचारियों के सात उन्होंने राजेश एक्सपोर्ट्स के नाम से सोने के गहने बनाने की यूनिट शुरू की.
देखते ही देखते उनका ये कारोबार कुछ ही सालों में इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचा और उन्होंने ब्रिटेन, दुबई, अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में सोने की ज्वेलरी को एक्सपोर्ट करना शुरू कर दिया. इसके बाद राजेश एक्सपोर्ट्स ने धीरे-धीरे ज्वेलरी मेकिंग से लेकर गोल्ड रिफाइनिंग और रिटेल तक के काम में पकड़ बना ली. साल 2015 में कंपनी ने स्विट्जरलैंड की विश्व प्रसिद्ध गोल्ड रिफाइनरी Valcambi को भी टेकओवर कर लिया, जिससे उनका कारोबार और भी मजबूत हो गया.
एक शिकायत ने बदल दी कहानी
इस समय राजेश एक्सपोर्ट्स जिस राडार पर है, उसकी वजह केवल एक शिकायत है. दरअसल मार्च 2024 में राजेश एक्सपोर्ट्स के एक शेयरहोल्डर ने सेबी (SEBI) को ईमेल भेजकर आरोप लगाया कि कंपनी के खातों में कई सालों से बड़ी रकम बकाया दिखाई जा रही है और इसमें वित्तीय गड़बड़ी हो सकती है. ये एक सामान्य शिकायत थी, लेकिन दो साल बाद ये मामला देश के सबसे बड़े अकाउंटिंग विवादों में से एक बन गया है.
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सेबी की अंतरिम जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच अपनी विदेशी सहायक और संबद्ध कंपनियों के जरिए करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू को गलत तरीके से दिखाया या उसकी वास्तविक स्थिति को छिपाया है. हालांकि ये अभी सिर्फ सेबी का आरोप है और मामले की जांच जारी है. ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही सामने आएगा.