Ethanol News: एथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया से लेकर पेट्रोल पंप तक पर बवाल मचा हुआ है. कोई ई-2- पेट्रोल को अच्छा बता रहा है, तो वहीं कई लोगों को इस पेट्रोल से काफी शिकायतें हैं. इसी बीच सरकार ने भी अब साफ कर दिया है कि उन्होंने फिलहाल पेट्रोल में 20 प्रतिशत ही एथेनॉल मिलाने पर फैसला किया है. इससे ज्यादा मिलाने पर फिलहाल कोई चर्चा भी नहीं हो रही है.
क्या बोले केंद्र सरकार के मंत्री?
दरअसल हाल ही में राज्यसभा में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने इस बारे में बात की है. उन्होंने बताया है कि अगर भविष्य में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने पर विचार होगा, तो पहले साइंटिफिक स्टडीज की जाएंगी और ऑटोमोबाइल कंपनियों, तेल कंपनियों एवं रिसर्च सेंटर्स से बातचीत की जाएगी. इसके बाद ही कोई फैसला आगे किया जाएगा.
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20 प्रतिशत तय है लक्ष्य
अतना ही नहीं बल्कि मंत्री सुरेश गोपी ने ये भी बताया कि भारत ने 20 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय समय से पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है. साल 2013-14 में पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी केवल 1.53 प्रतिशत थी, जो अब 2025-26 में बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई है.
पुरानी गाड़ियों में माइलेज हो सकता है कम
इसके अलावा गाड़ियों में ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार को इंजन खराब होने, फ्यूल पंप में दिक्कत, जंग लगने या पानी की समस्या जैसी कोई शिकायत नहीं मिली है. करोड़ों दोपहिया और पेट्रोल कारें कई सालों से E20 पेट्रोल पर चल रही हैं और बड़े लेवल पर किसी तकनीकी खराबी के सबूत नहीं मिले हैं. हालांकि, पुराने E10 वाहनों में माइलेज 3-5% तक कम हो सकता है.
पेट्रोल पंप पर होगा ऑप्शन?
इतना ही नहीं बल्कि सरकार ने ये भी कहा कि एथेनॉल प्रोडक्शन के लिए केवल एक्स्ट्रा अनाज का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे खाद्य सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता. साथ ही, फिलहाल पेट्रोल पंपों पर अलग से कम एथेनॉल वाला या बिना एथेनॉल वाला पेट्रोल उपलब्ध कराने की भी कोई योजना नहीं है, क्योंकि इससे लागत बढ़ेगी और इस योजना के पर्यावरण और किसानों को मिलने वाले लाभ कम हो जाएंगे.