ये है देश के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे शिक्षा मंत्रियों की लिस्ट, चौंका देंगे ये नाम

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भारत की शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने में शिक्षा मंत्रियों की अहम भूमिका रही है. आजादी के बाद से लेकर अब तक कई बड़े नेता इस जिम्मेदारी को संभाल चुके हैं. स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद थे. उन्होंने 1947 से 1958 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली. आजाद न केवल स्वतंत्रता सेनानी और महान विचारक थे, बल्कि शिक्षा सुधारों के प्रबल समर्थक भी माने जाते हैं. उनके कार्यकाल में देश में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव रखी गई.

मुरली मनोहर जोशी और कर्ण सिंह ने की डॉक्टरेट 

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी देश के सबसे अधिक शिक्षित नेताओं में गिने जाते हैं. उन्होंने मेरठ कॉलेज से बीएससी (B.Sc.) की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एमएससी (M.Sc.) और स्पेक्ट्रोस्कोपी विषय में डी.फिल. (D.Phil.) की उपाधि हासिल की. राजनीति में आने से पहले वह एक शिक्षाविद और वैज्ञानिक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं.

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. कर्ण सिंह की भी बेहद प्रभावशाली रही है. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के दून स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद जम्मू-कश्मीर विश्वविद्यालय से स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां से राजनीति विज्ञान में एम.ए. (M.A.) और बाद में पीएचडी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त की.

प्रताप चंद्र चंदर

प्रताप चंद्र चंदर ने 1977 से 1979 के बीच मोरारजी देसाई सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया. उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां भी काफी प्रभावशाली थीं. उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से इतिहास में बी.ए. (ऑनर्स), एलएलबी (LL.B.) और कला विषय में डी.फिल. (D.Phil.) की उपाधि प्राप्त की थी. भारतीय शिक्षा व्यवस्था में 10+2+3 प्रणाली लागू करने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है.

एम. सी. छागला

एम.सी. छागला 1963 से 1966 तक देश के शिक्षा मंत्री रहे. वे देश के न्यायविदों और विद्वानों में गिने जाते हैं. उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और आगे की पढ़ाई के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के लिंकन कॉलेज गए. कानून, शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है.

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हुमायूं कबीर

हुमायूं कबीर ने वर्ष 1963 में कुछ समय के लिए शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी. वे एक प्रसिद्ध शिक्षाविद, लेखक और दार्शनिक थे. उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एक्सेटर कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी. साहित्य, शिक्षा और सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है.

धर्मेंद्र प्रधान

वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उच्च शिक्षित नेताओं में शामिल हैं. उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से मानव विज्ञान (Anthropology) में स्नातकोत्तर (Master’s Degree) की डिग्री प्राप्त की है. उनके कार्यकाल में नई शिक्षा नीति (NEP 2020), डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है.

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