Explained: क्या दिन से ज्यादा खतरनाक है रात की लू? अगर लग गई तो नतीजे गंभीर, मध्यप्रदेश में पहली बार अलर्ट

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भारत में गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही बेहाल कर दिया है. राजस्थान में उदयपुर से टूरिस्ट गायब हो गए और सड़कें सुनसान हैं. उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में लू का अलर्ट होने से स्कूल टाइम बदल गया. बिहार के 9 जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया. छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, झारखंड और हिमाचल प्रदेश समेत सभी जगह लू का अलर्ट है. मध्य प्रदेश में तो पहली बार रात में लू का अल्टीमेटम दिया गया है, लेकिन लू तो धूप में चलती है, तो फिर रात की लू का माजरा क्या है? जानेंगे एक्सप्लेनर में…

सवाल 1: भारत में अभी गर्मी की स्थिति कितनी भयानक है?
जवाब: देश के कई इलाकों में अप्रैल 2026 के आखिरी सप्ताह में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में कई जगहों पर तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. प्रयागराज में 44.4 डिग्री, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 43.8 डिग्री और कई जगहों पर 42-43 डिग्री तक पारा चढ़ा है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया है. सबसे खास बात यह है कि मध्य प्रदेश में मंगलवार को पहली बार ‘रात में लू’ यानी गर्म रात का अलर्ट जारी किया गया.

मध्य प्रदेश के भोपाल, छिंदवाड़ा, मंडला, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रतलाम और छतरपुर समेत 16 जिलों में यह अलर्ट है. इससे पहले रविवार-मंगलवार की रातों में इन इलाकों में रात का तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा रहा, जिससे लोगों को दिन की गर्मी के बाद भी राहत नहीं मिली. महाराष्ट्र और ओडिशा में दिन में सिग्नल बंद कर दिए, ताकि लोगों को चौराहे पर धूप में खड़ा न होना पड़े.

 

मध्य प्रदेश के 16 जिलों में रात की लू का अलर्ट जारी है
मध्य प्रदेश के 16 जिलों में रात की लू का अलर्ट जारी है

सवाल 2: लू तो हमेशा दिन की धूप और गर्म हवा में चलती है, फिर रात की लू कैसी होती है?
जवाब: सामान्य लू दिन की घटना होती है. यह तेज धूप और गर्म, सूखी हवा होती है जो दोपहर में 40 डिग्री या उससे ऊपर चली जाती है, लेकिन ‘रात की लू’ या ‘गर्म रात’ बिल्कुल अलग है. यह हवा की तरह नहीं बहती, बल्कि रात का तापमान इतना ज्यादा रह जाता है कि सूरज ढलने के बाद भी दीवारें, जमीन और हवा ठंडी नहीं होती।

मौसम विभाग के नियम के मुताबिक, जब दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा हो और रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा हो, तो इसे ‘गर्म रात’ कहा जाता है. अगर 6.4 डिग्री से ज्यादा हो तो ‘बहुत गर्म रात’. मध्य प्रदेश में यही हो रहा है. रात में भी गर्मी बनी रहती है, ठंडक नहीं मिलती.

सवाल 3: दिन के मुकाबले रात की लू में शरीर पर क्या असर पड़ता है?
जवाब: हां, रात की गर्मी दिन की लू से भी ज्यादा चुपके से नुकसान पहुंचाती है. दिन में शरीर गर्म होता है, लेकिन रात में अगर तापमान कम न पड़े तो शरीर को ठंडक मिलने का मौका नहीं मिलता. शरीर का तापमान कंट्रोल करने वाला सिस्टम थक जाता है. इससे दिल, किडनी और दिमाग पर दबाव बढ़ता है. लोग बेचैनी की वजह से सो नहीं पाते, पसीना ज्यादा आता है और सुबह उठते ही थकान महसूस होती है.

गंभीर मामलों में चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी और हीट स्ट्रोक के लक्षण दिख सकते हैं. मौसम विभाग और डॉक्टरों के मुताबिक गर्म रातों में नींद पूरी नहीं होती, जिससे अगले दिन शरीर कमजोर हो जाता है. खासकर बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं.

 

लू लगने पर शरीर में गंभीर लक्षण दिख सकते हैं
लू लगने पर शरीर में गंभीर लक्षण दिख सकते हैं

सवाल 4: क्या दिन की लू से ज्यादा रात की लू खतरनाक मानी जाती है? हां तो क्यों?
जवाब: दिन की लू तेज होती है, लेकिन रात में राहत मिल जाती है. शरीर को रात में ठंडक मिलकर रिकवर करने का समय मिलता है, लेकिन जब रात भी गर्म हो तो यह रिकवरी नहीं होती. गर्मी का तनाव लगातार बढ़ता जाता है. इस पर कई रिसर्च स्टडीज हो चुकी हैं, जिसके मुताबिक जलवायु परिवर्तन की वजह से रातें दिन से ज्यादा तेजी से गर्म हो रही हैं. हवा में नमी ज्यादा होने से दिन की गर्मी रात में फंस जाती है. शहरों में कंक्रीट और इमारतें दिन में गर्मी सोख लेती हैं और रात में छोड़ती हैं.

नतीजा? कई दिनों तक लगातार गर्मी पड़ने पर मौत का खतरा बढ़ जाता है. एक अन्य स्टडी मानें तो अगर रात की गर्मी बढ़े तो सदी के अंत तक गर्मी से मौतें छह गुना बढ़ सकती हैं. रात की गर्मी नींद भी छीन लेती है. औसतन हर व्यक्ति साल में 44 घंटे कम सो रहा है.

सवाल 5: कब तक रात की लू से जूझना पड़ेगा और बचने के लिए क्या करें?
जवाब: रात की लू लगने पर बहुत प्यास लगना, थकान, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, शरीर का तापमान बढ़ना, भ्रम या बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं. अगर रात में पसीना ज्यादा आए, नींद न आए या सुबह कमजोरी लगे तो सावधान रहें:

  • रात में भी ज्यादा पानी पिएं.
  • हल्के, ढीले कपड़े पहनें.
  • कमरे में पंखा या कूलर चलाएं, खिड़कियां खुली रखें.
  • दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलें.
  • बुजुर्गों और बच्चों पर खास नजर रखें.
  • अस्पतालों में बेड रिजर्व किए जा रहे हैं. कई राज्यों में स्कूलों का समय बदला गया है और मजदूरों को दोपहर में काम नहीं करने दिया जा रहा है.

मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों तक उत्तर और मध्य भारत में गर्मी बनी रहेगी. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा में लू और गर्म रातों का अलर्ट जारी है. जलवायु परिवर्तन की वजह से ऐसे मौसम पहले से ज्यादा आम हो गए हैं. अगर बारिश न हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है. सरकारें और मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं. लोगों को सलाह दी जा रही है कि गर्मी को हल्के में न लें, यह चुपके से जान ले सकती है.

रात की लू कोई हवा नहीं, बल्कि रात भर न रुकने वाली गर्मी है जो शरीर को ठंडक का मौका नहीं देती. दिन की लू से अलग यह लगातार थकान बढ़ाती है और लंबे समय में ज्यादा खतरनाक साबित होती है. मध्य प्रदेश में पहली बार यह अलर्ट इसलिए जारी हुआ क्योंकि रात का तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा है.

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