क्या फिर 5 रुपया महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? तेल कंपनियों को हो रहे घाटे के बीच एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता

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  • कच्चा तेल $92-95 प्रति बैरल, $100 पर दबाव बढ़ता.

Petrol-Diesel Price Hike: ईरान में छिड़ी जंग और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में पिछले महीने पेट्रोल-डीजल की कीमतें कुल 4 बार बढ़ाई जा चुकी हैं. इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल कुल मिलाकर 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं. पिछले चार सालों के लंबे गैप के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते कीमतों में यह इजाफा किया गया.

हालांकि, कीमतों में इस बढ़ोतरी के बावजूद अभी भी सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर लगभग 5.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 4.5 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है. कंपनियों को हर रोज इन्हें मिलाकर कुल 550-600 करोड़ से ज्यादा का नुकसान अभी भी हो रहा है, जो लंबे समय तक के लिए ठीक नहीं है. 

क्या 5 रुपये की और होगी बढ़ोतरी? 

ICRA और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि अगर तेल कंपनियों को ‘नो प्रॉफिट, नो लॉस’ की स्थिति में आना है, तो रिटेल कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की एक और बढ़ोतरी करने की आवश्यकता पड़ सकती है. विश्लेषक इस बढ़ोतरी को जरूरी बता रहे हैं, लेकिन सरकार रिटेल स्तर पर महंगाई को काबू में रखने के लिए तेल कंपनियों को तुरंत पूरी बढ़ोतरी की अनुमति देने से बच रही है. इसके विकल्प के रूप में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कुछ कटौती कर इस बोझ को खुद संभालने की भी कोशिश की है. 

क्रूड ऑयल की कीमतें

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. अभी ब्रेंट क्रूड 92-95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. भारतीय तेल कंपनियों के लिए कीमतों का यह स्तर ठीकठाक है. ऐसे में उन्हें खुदरा दाम बढ़ाने की तुरंत कोई जरूरत आन नहीं पड़ती है. तेल कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव तब आता है, जब कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला जाता है और कई हफ्तों तक उसी स्तर पर बना रहता है. अभी ऐसी कोई गंभीर परस्थिति नहीं है. 

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