
डॉक्टरों के अनुसार, हमारी हड्डियां लगातार खुद को रिपेयर करती रहती है, लेकिन तंबाकू में मौजूद निकोटिन और दूसरे हानिकारक तत्व इस प्रक्रिया को धीरे कर देते हैं. स्मोकिंग की वजह से हड्डियों तक खून का फ्लो कम हो जाता है, जिससे उन्हें पर्याप्त ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं.

डॉक्टरों के अनुसार, यही कारण है कि स्मोकिंग करने वाले लोगों में फ्रैक्चर ठीक होने में ज्यादा समय लगता है. कई मामलों में हड्डियां ठीक से जुड़ भी नहीं पाती, जिसे मेडिकल भाषा में नॉन यूनियन कहा जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर शरीर की हीलिंग क्षमता कमजोर हो जाए तो सर्जरी और इलाज का असर भी सीमित हो सकता है.
Published at : 30 May 2026 12:37 PM (IST)