Fatty Liver Disease: शहरी भारत में हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर का शिकार, नजरअंदाज किया तो हो सकता है कैंसर

7bb22a0ed4259f19bf6e4a6b300ac76817809058933261257 original


Can Weight Loss Reverse Fatty Liver Disease: फैटी लिवर को लंबे समय तक एक मामूली समस्या माना जाता रहा. कई लोगों को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में इसका जिक्र मिलता था, लेकिन क्योंकि कोई खास लक्षण नहीं दिखते थे, इसलिए इसे नजरअंदाज कर दिया जाता था.  हालांकि अब डॉक्टरों का कहना है कि यह गलती भविष्य में गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है. भारत में फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, अनहेल्दी खानपान, कम शारीरिक गतिविधि, खराब नींद और तनावपूर्ण लाइफस्टाइल इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. सबसे चिंता की बात यह है कि यह बीमारी कई सालों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में बढ़ती रहती है. 

क्यों जल्दी पहचान करना जरूरी?

 डॉ. शलीन अग्रवाल ने TOI को बताया कि  फैटी लिवर उन गिनी-चुनी लिवर बीमारियों में शामिल है जिन्हें शुरुआती चरण में काफी हद तक ठीक किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए समय रहते कदम उठाना बेहद जरूरी है. दरअसल, जब लिवर की सेल्स में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो लिवर के सामान्य कामकाज पर असर पड़ना शुरू हो जाता है. लिवर शरीर में पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने जैसे कई महत्वपूर्ण काम करता है. इसलिए इसकी सेहत बिगड़ने का असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है.

भारत में क्या है स्थिति?

जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हेपेटोलॉजी में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, शहरी भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति किसी न किसी स्तर के फैटी लिवर से प्रभावित हो सकता है. एक्सपर्ट का मानना है कि मोटापा और डायबिटीज बढ़ने के साथ यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. 

इसे भी पढ़ें – Summer Fatigue: गर्मियों में बार-बार महसूस हो रही थकान, जान लें यह किस बीमारी का संकेत?

क्या आप इसको घर पर ठीक कर सकते हैं?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वजन घटाकर फैटी लिवर को ठीक किया जा सकता है? इस पर डॉ. शलीन अग्रवाल कहते हैं कि शुरुआती अवस्था में इसका जवाब हां है. उनका कहना है कि लिवर में खुद को रिपेयर करने की अद्भुत क्षमता होती है, बशर्ते नुकसान स्थायी न हुआ हो. नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के नेतृत्व में हुए कई स्टडी में पाया गया है कि शरीर के कुल वजन का केवल 5 प्रतिशत कम करने से लिवर में जमा फैट घट सकता है. वहीं 7 से 10 प्रतिशत वजन कम करने पर लिवर की सूजन में भी सुधार देखा गया है. कुछ मामलों में शुरुआती फाइब्रोसिस यानी लिवर पर बनने वाले निशानों को भी कम किया जा सकता है. 

किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

एक्सपर्ट क्रैश डाइट या तेजी से वजन घटाने की सलाह नहीं देते. उनका कहना है कि संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, ब्लड शुगर कंट्रोल और लंबे समय तक स्वस्थ आदतें अपनाना ही सबसे प्रभावी उपाय है. डॉ. शलीन अग्रवाल चेतावनी देते हैं कि अगर फैटी लिवर को नजरअंदाज किया जाए तो यह आगे चलकर लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस, लिवर फेलियर और यहां तक कि लिवर कैंसर का कारण भी बन सकता है.  कई बार मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी होती है कि लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचता है.

इसे भी पढ़ें – Summer Health Tips: दिनभर धूप में करते हैं काम तो जा सकती है जान, इन स्मार्ट तरीकों से खुद का रखें ख्याल

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *