Rupee vs Dollar Today: भारतीय मुद्रा ने मंगलवार को डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की. भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के सामने आज 63 पैसे की बढ़त के साथ 95.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. असल में कच्चा तेल करीब 10% टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और विदेशी मुद्रा बाजार में बेहतर धारणा के चलते रुपये को सहारा मिला. शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, जिससे आयातकों और निवेशकों को राहत मिली.
तेल की गिरावट से मिला सहारा
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं, तो आयात बिल कम होने की संभावना बढ़ जाती है. इसका असर भारतीय मुद्रा पर पड़ता है. मंगलवार को भी यही देखने को मिला और रुपये ने डॉलर के मुकाबले बढ़त दर्ज की.
एशियाई बाजारों में हाहाकार के बीच मजबूत भारतीय शेयर बाजार, हरे निशान पर हुई ओपेनिंग
डॉलर के मुकाबले क्यों मजबूत हुआ रुपया?
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
- विदेशी निवेशकों का सपोर्ट
- डॉलर इंडेक्स में नरमी
- वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति
- कंपनियों का अच्छा मुनाफा
आम लोगों पर क्या होगा असर?
रुपये के मजबूत होने से विदेशों से आयात होने वाले कई उत्पादों की लागत कम हो सकती है. इसका फायदा पेट्रोलियम उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आयातित वस्तुओं पर लंबे समय में देखने को मिल सकता है. वहीं विदेश यात्रा, विदेशी शिक्षा और डॉलर में भुगतान करने वाले लोगों को भी कुछ राहत मिल सकती है.
इनकम 4 लाख से कम, फिर भी भरना होगा ITR; बड़े सख्त हैं ये 6 बड़े नियम
क्या बनी रहेगी मजबूती?
बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में रुपये की चाल वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों, डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी. अगर कच्चा तेल नरम बना रहता है और विदेशी निवेश जारी रहता है तो रुपये को आगे भी मजबूती मिल सकती है.