Share Market Today: घरेलू शेयर बाजार में आज जोरदार गिरावट देखने को मिली. अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते निवेशकों में घबराहट दिखी. बीएसई सेंसेक्स 73,983.18 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 73,615.99 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 23,214.95 से गिरकर 23,104.40 पर खुला और बाद में 23,100 के स्तर के नीचे पहुंच गया.
बाजार में गिरावट क्यों?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने दुनियाभर के बाजारों की चिंता बढ़ा दी है. निवेशकों को डर है कि अगर हालात और बिगड़े तो कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेजी आई और शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ गई.
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तेल महंगा, बाजार परेशान
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में तेल की कीमतें बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों दोनों पर दबाव बढ़ सकता है. महंगा तेल महंगाई बढ़ाने का भी काम करता है, इसलिए निवेशकों ने जोखिम कम करना बेहतर समझा.
इन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
बैंकिंग, FMCG और खासकर IT सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली, जहां निफ्टी IT इंडेक्स 28,279.90 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 27,888.00 पर खुला. आज बैंकिंग, ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली. कई बड़े शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए. दूसरी तरफ ऑयल एंड गैस सेक्टर की कुछ कंपनियों में खरीदारी देखने को मिली.
निवेशकों की बढ़ी चिंता
बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा. सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी के चलते कई कंपनियों का मार्केट कैप घट गया. छोटे और मझोले शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया.
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क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट?
फिलहाल बाजार की नजर मिडिल ईस्ट के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी. अगर तनाव कम होता है तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है. वहीं हालात बिगड़ने पर उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है.
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
एक्सपर्ट्स मौजूदा माहौल में घबराकर फैसले लेने से बचने की सलाह दे रहे हैं. उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर फोकस रखना चाहिए और बाजार की हर गिरावट को नुकसान के बजाय अवसर के रूप में देखना चाहिए. कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों ने आज भारतीय शेयर बाजार का मूड बिगाड़ दिया.