India US Trade: अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर अब 10% टैरिफ (आयात शुल्क) लगाया है. पहली नजर में यह भारतीय कंपनियों के लिए नुकसान की खबर का झटका लग सकता है, लेकिन अगर आप पूरी तस्वीर देखें तो भारत को कुछ देशों के मुकाबले फायदा भी मिल सकता है. खासकर चीन और वियतनाम जैसे कुछ बड़े देशों पर इससे ज्यादा 12.5% टैरिफ लगाया गया है. ऐसे में अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान उनके मुकाबले थोड़ा सस्ता पड़ सकता है, जिससे भारत को कुछ हद तक फायदा मिल सकता है. हालांकि, हर सेक्टर को इसका फायदा नहीं मिलेगा. आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से…
क्या बदला है नए टैरिफ नियमों में?
- अमेरिका ने भारत पर लागू 10% टैरिफ को नए कानूनी प्रावधान के तहत जारी रखा है.
- पहले यह शुल्क कुछ समय के लिए लागू था, लेकिन अब इसकी कोई तय समय सीमा नहीं है.
- यह शुल्क पहले से लगने वाला टैरिफ सामान्य आयात शुल्क (MFN Duty) के ऊपर लगाया जाएगा.
- यानी अगर किसी समान पर पहले 5% शुल्क लगता था, तो अब उस पर कुल 15% तक शुल्क लग सकता है.
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भारत को कैसे मिलेगा फायदा?
भारत पर 10% टैरिफ लगाया गया है, जबकि चीन और वियतनाम जैसे देशों पर 12.5% तक टैरिफ लागू किया गया है. इससे भारत को दोनों देशों के मुकाबले करीब 2.5% का फायदा मिल सकता है और भारतीय समान अमेरिका में थोड़ा सस्ता पड़ सकता है. ऐसे में अमेरिकी कंपनियां भारत से ज्यादा सामना खरीद सकती है.
किन सेक्टरों में फायदा सीमित रहेगा?
- बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका पर भी 10% टैरिफ लगाया गया है.
- इसलिए कपड़ा, गारमेंट और दूसरे लेबल वाले उद्योगों में भारत को इन देशों के मुकाबले कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा.
किन उत्पादों पर असर कम होगा?
- स्मार्टफोन
- कई दवाइयां (Pharmaceuticals)
- पेट्रोलियम उत्पाद
- कुछ कृषि उत्पाद
आगे क्या हो सकता है?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी है. अगर दोनों देशों के बीच समझौता होता है, तो भविष्य में कुछ टैरिफ नियमों में बदलाव होने की उम्मीद है. फिलहाल भारतीय कंपनियों को 10% अतिरिक्त शुल्क को ध्यान में रखकर कारोबार करना होगा.
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