CBSE छात्रों को नहीं मिली राहत, री इवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा खोलने से कोर्ट ने किया इनकार

3fc33f7b26a651f8a62bc501e5684d7817812719866121294 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • असंतुष्ट छात्र अब व्यक्तिगत कानूनी विकल्प का उपयोग कर सकते हैं.

CBSE कक्षा 12 के रिजल्ट के बाद री-इवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा खोलने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने साफ कहा कि अगर किसी छात्र को अपने रिजल्ट या मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर शिकायत है तो वह व्यक्तिगत रूप से उचित कानूनी प्रक्रिया अपना सकता है. कोर्ट का मानना है कि पोर्टल दोबारा खोलने से पूरी रिजल्ट प्रक्रिया और आगे की दाखिला प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

क्या था पूरा मामला
यह मामला कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को दोबारा शुरू करने की मांग से जुड़ा था. याचिका में कहा गया था कि कई छात्रों को मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर आपत्ति है और उन्हें दोबारा आवेदन का मौका मिलना चाहिए. साथ ही कुछ मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं की मैनुअल जांच और फिजिकल वेरिफिकेशन की भी मांग की गई.

हाई कोर्ट ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पहले ही तय समय के अनुसार पूरी की जा चुकी है और इसे फिर से शुरू करने से पूरी व्यवस्था प्रभावित होगी. कोर्ट ने कहा कि यह केवल कुछ दिनों का मामला नहीं है बल्कि इससे पूरे रिजल्ट और आगे की प्रक्रिया में देरी हो सकती है.

CBSE और केंद्र सरकार की दलील
अधिकारियों की ओर से अदालत को बताया गया कि बड़ी संख्या में छात्रों ने पहले से ही री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए आवेदन किया है. बोर्ड के अनुसार लाखों उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया पहले से चल रही है और समय सीमा बढ़ाने से कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है.

यह भी पढ़ें – NEET UG 2026 Re- Exam: NEET री-एग्जाम पर NTA का बड़ा फैसला, स्टूडेंट्स को मिलेंगे 15 मिनट ज्यादा, 21 जून को होनी है परीक्षा

छात्रों ने क्यों उठाए सवाल
याचिका में दावा किया गया कि इस साल के परिणामों के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल उठाए. कुछ छात्रों ने तकनीकी दिक्कतों, स्कैनिंग संबंधी समस्याओं और अंकों में अंतर जैसी शिकायतें सामने रखीं.

अब छात्रों के पास क्या विकल्प है
हाई कोर्ट ने फिलहाल पोर्टल दोबारा खोलने का आदेश नहीं दिया है. हालांकि अदालत ने कहा कि जिन छात्रों को व्यक्तिगत स्तर पर शिकायत है वे उपलब्ध कानूनी और प्रशासनिक विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं.मामले की अगली सुनवाई आगे निर्धारित तारीख पर हो सकती है.

यह भी पढ़ें – IIT में पढ़ने का सपना होगा आसान! JEE Advanced नहीं, ऐसे होगी एंट्री

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *