- आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज हुई.
- 24 कैरेट सोना ₹1,48,580; चांदी ₹2,60,000 प्रति किलो पहुंची.
- अमेरिका-ईरान तनाव टलने और निवेशक मांग बढ़ने से वैश्विक कीमतें बढ़ीं.
- घटा आयात मूल्य, ब्याज दर कटौती उम्मीद से भी तेजी आई.
Gold-Silver Price Today: आज 13 जून, शनिवार को भारत के सर्राफा बाजार में पिछले दिनों की गिरावट के बाद सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. वैश्विक उतार-चढ़ाव और निवेशकों से बढ़ी मांग के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में फिर उछाल आया है.
आज 24 कैरेट वाले शुद्ध सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,48,580 रुपये है. वहीं, गहनों के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,36,200 से 1,37,230 रुपये है. इसी क्रम में 18 कैरेट सोने की कीमत आज 1,11,450-1,12,420 रुपये प्रति 10 ग्राम है.
शहरवार सोने की कीमतें (प्रति 10 ग्राम)
दिल्ली- 1,49,320 रुपये
मुंबई- 1,49,580 रुपये
कोलकाता- 1,49,380 रुपये
चेन्नई- 1,50,020 रुपये
हैदराबाद- 1,49,820 रुपये
अहमदाबाद- 1,49,780 रुपये
पटना- 1,48,910 रुपये
आज चांदी की कीमत
चांदी की कीमतों में भी आज मजबूत बढ़त है. आज चांदी प्रति ग्राम 260.10 रुपये है. इस हिसाब से आज एक किलो चांदी की कीमत 2,60,000 रुपये के आसपास कारोबार कर रही है.
क्यों बढ़ी कीमत?
अमेरिका-ईरान में जंग टलने की उम्मीद- हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान पर नियोजित सैन्य हमलों को रोने और बातचीत के संकेत देने के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता थोड़ी कम हुई है. इससे निवेशकों का भरोसा लौटा है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ भारतीय कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने-चांदी के फ्यूचर्स में बड़ी लिवाली (Buying) शुरू हो गई.
बेस इम्पोर्ट प्राइस में बड़ी कटौती- सरकार ने सोने का बेस इम्पोर्ट प्राइस 80 डॉलर से घटाकर 1343 डॉलर प्रति 10 ग्राम कर दिया है और चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस 276 डॉलर प्रति किलो घटाया है. इससे इम्पोर्टर्स और बड़े ज्वेलर्स के लिए आयात की वैल्यूएशन अनुकूल हुई है, जिससे घरेलू बाजार के सेंटिमेंट मजबूत हुए हैं और मांग बढ़ गई है.
भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी- पिछले कुछ दिनों में भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी में रिकॉर्ड गिरावट आई थी. सोने की कीमतें जब भी इस तरह से नीचे आती हैं, तो निवेशक और ज्वेलर्स इसे खरीदारी का सही मौका मानकर बड़ी मात्रा में ‘डिप बाइंग’ (कम दाम पर खरीदारी) शुरू कर देते हैं. इससे कीमतें दोबारा चढ़ने लगती हैं.
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद- ग्लोबल मार्केट में फिर से यह चर्चा गर्म हो गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. ब्याज दरें कम होने की उम्मीद से डॉलर थोड़ा कमजोर हो सकता है और जब डॉलर कमजोर होता है, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की वैश्विक मांग और कीमतें दोनों बढ़ जाती हैं.
ये भी पढ़ें:
सोने-चांदी के आभूषण 155% और टमाटर 48% महंगे, रसोई से लेकर तिजोरी तक हर जगह महंगाई की मार