‘हर दिन 100 ओवर प्रैक्टिस करता था वैभव सूर्यवंशी’, कोच का बड़ा खुलासा; बताया सफलता का राज

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15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बैटिंग से हर किसी को अपना दीवाना बना रखा है. चाहे क्रिकेट फैंस हों, या पूर्व क्रिकेटर हर कोई उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की तारीफ करते दिखता है. वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती, और अब उन्हें टीम इंडिया में जगह मिल चुकी है. इस बीच उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने उनकी सफलता का राज खोला है. 

वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा के अनुसार उनके शॉट्स की यह ताकत और तकनीक छह साल की कठिन मेहनत और लगातार अभ्यास का नतीजा है. ओझा ने कहा कि वैभव रोजाना लगभग आठ घंटे अभ्यास करता था और करीब 100 ओवर तक गेंदों का सामना करता था. महज 15 साल की उम्र में विश्व क्रिकेट के सबसे चर्चित बल्लेबाजों में शुमार वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में चुना गया है. 

आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 237 की शानदार स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए. आठ साल की उम्र से वैभव को प्रशिक्षण देने वाले कोच मनीष ओझा ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि वैभव की सफलता के पीछे कड़ी मेहनत के साथ-साथ माता-पिता संजीव और आरती का बड़ा योगदान है. उन्होंने कहा कि अब कई माता-पिता अपने छोटे बच्चों को “अगला वैभव” बनाने के उद्देश्य से अकादमियों में ला रहे हैं, लेकिन यह उतना आसान नहीं है जितना दिखता है. 

जब सूर्यवंशी ने टेनिस बॉल के बजाय हार्डबॉल से खेलना शुरू किया, तो 10 साल की उम्र से लेकर अब तक उन्होंने हर दिन औसतन कितनी गेंदें खेली होंगी? ओझा का जवाब चौकाने वाला था. ओझा ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बताया, देखिए, हम गेंदों की गिनती नहीं करते, उन्होंने कितनी गेंदें खेलीं, लेकिन मैं आपको एक न्यूनतम अनुमान बता सकता हूं कि उन्होंने 600 से अधिक गेंदें खेली होंगी. मैं आपको बताता हूँ कैसे. लगभग 200-300 गेंदों तक मैं खुद ही थ्रोडाउन देता था. जब मैं थक जाता था, तो दूसरे सहायक कर्मचारी मेरी मदद करते थे. और जब वे थक जाते थे, तो हमारी अकादमी के गेंदबाज उनकी मदद करते थे. कभी-कभी वे खुद भी थक जाते थे.

कोच ने बताया कि यह अभ्यास सुबह 7:30 बजे शुरू होता था और शाम चार बजे तक चलता था. मनीष ओझा का मानना है कि छह सालों के लगातार अभ्यास ने उनमें मजबूत ‘मसल मेमोरी’ विकसित कर दी है. कोच ने साथ ही वैभव के मां और पिता के संघर्ष के बारे में भी बताया.

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