LDL-C vs ApoB: कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने के बाद भी हार्ट अटैक का खतरा, जानिए LDL-C और ApoB का फर्क?


अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर LDL कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और बाकी लिपिड प्रोफाइल की रिपोर्ट सामान्य है, तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोगों में रिपोर्ट सामान्य होने के बाद भी धमनियों में नुकसान पहुंचाने वाले कण ज्यादा हो सकते हैं. यही वजह है कि कुछ लोगों को बिना किसी चेतावनी के हार्ट अटैक आ जाता है.

अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर LDL कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और बाकी लिपिड प्रोफाइल की रिपोर्ट सामान्य है, तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोगों में रिपोर्ट सामान्य होने के बाद भी धमनियों में नुकसान पहुंचाने वाले कण ज्यादा हो सकते हैं. यही वजह है कि कुछ लोगों को बिना किसी चेतावनी के हार्ट अटैक आ जाता है.

LDL-C यानी लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल यह बताता है कि खून में मौजूद LDL कणों के अंदर कुल कितना कोलेस्ट्रॉल है. वहीं ApoB टेस्ट यह बताता है कि खून में ऐसे हानिकारक कणों की कुल संख्या कितनी है, जो धमनियों में प्लाक जमा कर सकते हैं. इनमें LDL, VLDL और IDL जैसे कण शामिल होते हैं.

LDL-C यानी लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल यह बताता है कि खून में मौजूद LDL कणों के अंदर कुल कितना कोलेस्ट्रॉल है. वहीं ApoB टेस्ट यह बताता है कि खून में ऐसे हानिकारक कणों की कुल संख्या कितनी है, जो धमनियों में प्लाक जमा कर सकते हैं. इनमें LDL, VLDL और IDL जैसे कण शामिल होते हैं.

Published at : 14 Jun 2026 07:47 AM (IST)

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