Petrol-Diesel Price Cut: भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत में 3.1% की गिरावट, सरकार ने समझाया पूरा गणित

afa5b257557fed31f142aefe6483fc3517814037891821379 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • भारत में ईंधन कीमतें 3.1% घटीं, अन्य देशों में लगातार बढ़ीं.
  • सरकार ने उत्पाद शुल्क कटौती कर जनता को अंतरराष्ट्रीय झटकों से बचाया.
  • सरकार ने राजस्व बोझ उठाया, तेल कंपनियों ने भी भारी घाटा सहा.
  • औद्योगिक डीजल खरीद पर कालाबाजारी रोकने को 200 लीटर दैनिक सीमा तय.

Petrol-Diesel Price Down: पाकिस्तान से लेकर अमेरिका तक, दुनिया के तमाम देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन भारत एक इकलौता ऐसा देश है जहां ईंधन की कीमतों में 3.1% की गिरावट आई है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयान के मुताबिक, मई 2022 से मई 2026 के बीच भारत में ईंधन की कीमतों में 3.1% की गिरावट आई है.

पाकिस्तान से अमेरिका तक बढ़े दाम

केंद्रीय मंत्री ने जारी अपने आंकड़ों से समझाया कि जहां पिछले चार सालों में पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 70% का उछाल आया है. श्रीलंका में 66% तक दाम बढ़े हैं. इटली और फ्रांस में भी क्रमश: 46% और 47% की बढ़ोतरी हुई है. अमेरिका में भी ईंधन के दाम 35% तक बढ़े हैं. वहीं, भारत में कीमतें लगातर कम हुई हैं. इन चार सालों में भारत में ईंधन की कीमतों में 3.1% की शुद्ध गिरावट आई है. 

3.1% की कैसे आई गिरावट?

सरकार ने बताया कि हाल ही में पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई है. सरकार ने इस बढ़ोतरी से देश की जनता को बचाने के लिए समय-समय पर कई कदम उठाए हैं जैसे कि सरकार ने पेट्रोल पर 3 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है और डीजल पर इसे जीरो कर दिया है. 

सरकार ने आम जनता को वैश्विक कीमतों के झटके से बचाने के लिए टैक्स कटौती के रूप में सालाना करीब 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व बोझ खुद उठाया है. सरकारी तेल कंपनियों ने भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारी ‘अंडर रिकवरी’ झेली ताकि देश में रिटेल स्तर पर ईंधन की कीमतें न बढ़े. हाल के कुछ हफ्तों में घरेलू बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम जरूर बढ़े हैं, लेकिन 4 साल के लॉन्ग टर्म में देखें, तो यह 3% से ज्यादा की गिरावट को दिखाता है.       

सरकार के नए नियम

सरकार ने खुदरा पेट्रोल पंपों से औद्योगिक या थोक खरीदारों द्वारा सस्ता डीजल उड़ाने और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रति वाहन 200 लीटर डीजल की दैनिक सीमा भी तय की है ताकि आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन के स्टॉक में कोई कमी न हो.                

ये भी पढ़ें:

Petrol-Deisel Rate: आज कितने में मिल जाएगा 1 लीटर पेट्रोल-डीजल? फ्यूल स्टेशन जाने से पहले चेक करें रेट 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *