एक साल में कितने IAS बनाता है UPSC, कब-कब होता है इसका एग्जाम?

d47dc3e1b723f852d6de7775a8d51c9817815163815731294 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • यूपीएससी हर वर्ष लगभग 175-180 आईएएस अधिकारियों का चयन करता है.
  • आईएएस हेतु सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है.
  • यह परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी मानी जाती है.

अगर आप भी कभी यह सोचते हैं कि आखिर यूपीएससी हर साल कितने आइएएस अधिकारी बनाता है और इसकी परीक्षा कितनी बार होती है, तो यह जानकारी आपके काम की है. देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के जरिए हर साल लाखों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाते हैं, लेकिन आखिर में बहुत कम लोगों को IAS बनने का मौका मिलता है.

एक साल में कितने IAS बनाता है यूपीएससी?

यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग हर साल सिविल सेवा परीक्षा (CSE) आयोजित करता है.इसी परीक्षा के जरिए IAS, IPS, IFS, IRS समेत कई बड़ी सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है.आमतौर पर हर साल करीब 175 से 180 उम्मीदवारों को IAS सेवा के लिए चुना जाता है. हालांकि कुल सिविल सेवा सीटों की संख्या हर साल बदल सकती है, लेकिन IAS की संख्या लंबे समय से लगभग इसी स्तर पर बनी हुई है.इसका मतलब यह नहीं कि सिर्फ 180 लोग ही परीक्षा पास करते हैं. पहले सभी सेवाओं के लिए उम्मीदवार चुने जाते हैं और फिर रैंक, पसंद और उपलब्ध सीटों के हिसाब से सेवाएं बांटी जाती हैं.

IAS बनने के लिए अलग परीक्षा नहीं होती

कई लोग मानते हैं कि IAS बनने के लिए अलग से एग्जाम देना पड़ता है, लेकिन ऐसा नहीं है. IAS बनने के लिए उम्मीदवार को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देना होता है. परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को उनकी रैंक के आधार पर अलग-अलग सेवाएं मिलती हैं. सबसे ऊंची रैंक पाने वाले उम्मीदवारों को अक्सर IAS सेवा मिलने की संभावना ज्यादा रहती है.

यूपीएससी का एग्जाम कब होता है?

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा साल में एक बार आयोजित की जाती है और यह तीन चरणों में पूरी होती है.

  • पहला चरण – प्रीलिम्स (Prelims)- यह परीक्षा का शुरुआती चरण होता है। इसमें ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाते हैं. इस चरण को पास करने वाले उम्मीदवार ही अगले चरण में पहुंचते हैं.
  • दूसरा चरण – मेंस (Mains)- यह लिखित परीक्षा होती है जिसमें उम्मीदवार की विषय समझ, विश्लेषण क्षमता और लिखने की योग्यता देखी जाती है.
  • तीसरा चरण – इंटरव्यू (Personality Test)- अंतिम चरण में उम्मीदवार की सोच, व्यक्तित्व, निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक समझ को परखा जाता है.

तीनों चरण पूरे होने के बाद अंतिम मेरिट सूची जारी की जाती है और उसी आधार पर सेवाओं का आवंटन किया जाता है.

यह ही पढ़ें – Free UPSC Coaching 2026: UPSC की फ्री कोचिंग का सुनहरा मौका, हॉस्टल सुविधा के साथ 19 जून तक बढ़ी लास्ट डेट, ऐसे करें अप्लाई

प्रतियोगिता कितनी कठिन होती है?

यूपीएससी को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है.हर साल लाखों उम्मीदवार आवेदन करते हैं लेकिन अंतिम चयन सीमित सीटों पर ही होता है.यही वजह है कि इस परीक्षा में सफलता के लिए सिर्फ पढ़ाई नहीं बल्कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और लंबे समय तक लगातार मेहनत की जरूरत होती है.

तैयारी कब शुरू करनी चाहिए?

अगर आपका लक्ष्य IAS बनना है तो तैयारी जल्दी शुरू करना बेहतर माना जाता है.सबसे पहले परीक्षा का सिलेबस समझें, बेसिक किताबें पढ़ें, करंट अफेयर्स पर ध्यान दें और नियमित उत्तर लेखन का अभ्यास करें.

यह भी पढ़ें – How To Become IAS Without UPSC: बिना UPSC किए कैसे बन सकते हैं IAS अधिकारी, जान लीजिए पूरा प्रॉसेस?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *