रघुबीर यादव | raghubir yadav

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अमेजन प्राइम की पॉपुलर वेब सीरीज ‘पंचायत’ दर्शकों को बहुत पसंद हैं. सीरीज के हर किरदार ने अपने अभिनय और इमोशन से सभी का दिल जीता हैं. उनमें से एक प्रधान जी उर्फ रघुबीर यादव भी एक शानदार कलाकारों में एक बनकर उभरे हैं. साथ ही नीना गुप्ता के साथ उनकी केमेस्ट्री भी मजेदार हैं. हालांकि, उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष किया. इसी बीच उन्होंने अपने करियर को लेकर खुलकर बात की हैं. 

अपनी जिंदगी को कभी संघर्ष नहीं माना

ABP लाइव के साथ इंटरव्यू में रघुबीर यादव ने कहा, ‘एक्टिंग आसान नहीं है, लेकिन इसमें बहुत आनंद आता है. लोग इसे संघर्ष कहते हैं, लेकिन मैंने अपनी जिंदगी को कभी संघर्ष नहीं माना. मैंने मेहनत की और उस सफर का आनंद लिया. सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, हर कला में लगातार प्रैक्टिस की जरूरत होती है. चाहे कोई सिंगर हो, डांसर हो या एक्टर, हर किसी को सीखते रहना पड़ता है. आज भी मुझे लगता है कि बहुत कुछ सीखना बाकी है. मेरे लिए जिंदगी हमेशा एक स्कूल की तरह रही है, जहां हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है.’

इसके अलावा उन्होंने बोर्ड एग्जाम से जुड़ा अपने स्कूल के दिनों का एक किस्सा शेयर कर कहा, ‘मुझे पता था कि मैं फेल होने वाला हूं. इसी डर के कारण मैं एक दोस्त के साथ घर छोड़कर चला गया. घर छोड़ने के बाद हम ललितपुर पहुंचे, जहां अनु कपूर के पिता मदनलाल कपूर की थिएटर कंपनी काम कर रही थी. वहीं से मेरे अभिनय सफर की शुरुआत हुई.’

ढाई रुपये में किया गुजारा

वहीं उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद कर कहा, ‘थिएटर कंपनी में ढाई रुपये रोज मिलने थे, लेकिन कई बार इससे भी कम पैसे मिलते थे. हम आटा और टमाटर खरीदते थे, फिर रोटी और चटनी बनाकर खाते थे. कई बार तो कोई हमारा खाना भी चुरा लेता था और हमें भूखा रहना पड़ता था. हालांकि इन्हीं दिनों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया.’ थिएटर के दिनों में रघुबीर ने बहुत कुछ सीखा, जिस वजह से वो आज यहां पहुंचे हैं. 

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20 सालों से घर नहीं गये 

उन्होंने एक इमोशनल किस्सा भी सुनाया कि घर छोड़ने के बाद उन्होंने अपने पिता को चिट्ठी लिखी थी और कहा था कि वो कभी परिवार का नाम खराब नहीं करेंगे. भागने के 6 महीने बाद वो वापस आए और एक रिश्तेदार ने उन्हें ताना मारा कि ‘हमें लगा था कि अब तुम्हें सिर्फ सिनेमा के पर्दे पर ही देख पाएंगे’. ये सुनते ही रघबीर को बहुत दुख और शर्मिंदगी हुई, जिस वजह से उन्होंने फिर घर छोड़ दिया. इसके बाद वो 20 सालों तक घर वापस नहीं गए.

हालांकि इन हालातों के बाद भी रघुवीर ने कहा, ‘आज भी मैं मानता हूं कि साइंस में फेल होना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा वरदान था. अगर मैं फेल नहीं होता, तो शायद कभी एक्टर नहीं बन पाता.’

रघुबीर की फिल्में 

बता दें कि रघुबीर यादव को सबसे पहले 1989 में दूरदर्शन के लोकप्रिय शो मुंगेरीलाल के हसीन सपने से बड़ी पहचान मिली. वहीं उनकी वेब सीरीज पंचायत लोगों के दिलों में एक अलग जगह बनाए हुए हैं. फिल्मों की बात करें, तो उन्हें सलाम बॉम्बे!, लगान, पीपली लाइव, पीकू और न्यूटन के देखा गया, जिसमें उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया. 

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