Bharat Innovates 2026: 40 से ज्यादा स्टार्टअप्स को मिली बड़ी कामयाबी, भारत बनेगा ग्लोबल टेक लीडर, बरसेंगे करोड़ों डॉलर

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Bharat Innovates 2026 News: देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे ‘भारत इनोवेट्स 2026’ समिट का दूसरा दिन पूरी तरह से ग्लोबल इनवेस्टर्स और भारतीय स्टार्टअप्स के नाम रहा. इस समिट ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब सिर्फ दुनिया का बाजार नहीं, बल्कि दुनिया को टेक्नोलॉजी देने वाला एक ग्लोबल हब बन चुका है.

समिट के दूसरे दिन का मुख्य फोकस था,’इन्वेस्टर-स्टार्टअप एंगेजमेंट’. इस दौरान 10 से ज्यादा देशों के 50 से अधिक ग्लोबल इनवेस्टर्स के सामने भारत के 80 से ज्यादा डीपटेक स्टार्टअप्स ने अपनी क्रांतिकारी तकनीकों को पेश किया. बड़ी बात यह है कि 40 से ज्यादा स्टार्टअप्स ने ऑन-द-स्पॉट निवेशकों से आगे की बातचीत और फंडिंग के पक्के कमिटमेंट्स हासिल कर लिए.

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‘भारत इनोवेट्स 2026’ है केंद्र सरकार की पहल

बता दें कि ‘भारत इनोवेट्स 2026’ भारत सरकार की एक बेहतरीन पहल है, जिसे शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इसका मकसद भारत के तेजी से बढ़ते इनोवेशन को दुनिया के बड़े निवेशकों, रिसर्च नेटवर्क और इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ना है. दूसरे दिन की शुरुआत ‘इन्वेषण शोकेस’ से हुई, जिसमें हमारे प्रीमियर संस्थानों और स्टार्टअप्स ने सेमीकंडक्टर, बायोटेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर्स में भारत की ताकत दिखाई.

कार्यक्रम में मुख्य भाषण देते हुए एशियन पेंट्स लिमिटेड के को-प्रमोटर और एंजेल इन्वेस्टर जलज दानी ने कहा, ”वैज्ञानिक आविष्कारों को बाजार की मांग और लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप के साथ जोड़ना बेहद जरूरी है.” इसके बाद हुई पैनल डिस्कशंस में दुनिया भर के दिग्गजों ने हिस्सा लिया. इंस्टिट्यूट पाश्चर, सफ्रान रियोस्क, थेल्स ऐलेनिया स्पेस, जिफास, सोनी इनोवेशन फंड और मिजुहो फाइनेंशियल ग्रुप जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के लीडर्स ने भारत में ‘पेशेंट कैपिटल’ यानी दीर्घकालिक निवेश और डिफेंस सप्लाई चेन पर गहराई से चर्चा की.

50 से ज्यादा समझौतों पर किए गए दस्तखत 

इस समिट की असली जान रहे इसके छह स्पेशल ‘थीमैटिक पिच रूम्स’. स्पेस-डिफेंस से लेकर एआई और एग्रीटेक जैसे रूम्स में स्टार्टअप्स ने सीधे ग्लोबल वेंचर फंड्स के सामने अपनी पिच रखी. अगर दो दिनों की कुल कामयाबी पर नजर डालें तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं.  अब तक 1350 से ज्यादा बीटूबी (B2B) मीटिंग्स हो चुकी हैं. 50 से ज्यादा समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं और लगभग 254.5 मिलियन डॉलर के फंडिंग कमिटमेंट्स और एडवांस्ड स्टेज इन्वेस्टमेंट्स की घोषणा की जा चुकी है.

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साफ है कि इस आयोजन ने भारत, यूरोप और बाकी दुनिया के बीच सहयोग के नए दरवाजे खोल दिए हैं. समिट का तीसरे और आखिरी दिन  का फोकस क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल डिकार्बोनाइजेशन, टेक्नोलॉजी पार्क्स और ग्लोबल स्केलिंग स्ट्रेटेजीज पर रहेगा. यानी कि पर्यावरण को बचाने और भारतीय स्टार्टअप्स को दुनिया भर में फैलाने की रणनीति पर बात होगी.



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