NTA Financial Report: देश में नीट, जेईई मेन, सीईयूटी और यूजीसी नेट जैसी बड़ी परीक्षाओं को आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में संसद की स्थायी समिति ने एनटीए की आय और खर्चे से जुड़े आंकड़े सामने रखते हुए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करने को लेकर जोर दिया. समिति ने सवाल भी उठाया है कि जब एजेंसी के पास करोड़ों रुपये का सरप्लस फंड मौजूद है, तो परीक्षा प्रणाली को और ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में तेजी से काम क्यों नहीं हो रहा है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि छात्रों से एग्जाम फीस वसूलकर एनटीए हर साल कितना कमाता है और एनटीए को कितना मुनाफा होता है.
संसदीय समिति की रिपोर्ट में क्या आया सामने?
संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार एनटीए ने पिछले 6 वर्षों में अलग-अलग परीक्षाओं के जरिए कुल 3512.98 करोड़ रुपये की आय अर्जित की. इसी समय में परीक्षा आयोजन और दूसरी व्यवस्थाओं पर 3064.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए. खर्च निकालने के बाद एजेंसी के पास करीब 448 करोड़ रुपये का सरप्लस बचा जो औसतन हर साल लगभग 74.5 करोड़ रुपये बैठता है. संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एनटीए के पास मौजूद सरप्लस फंड का उपयोग परीक्षा प्रणाली को और ज्यादा मजबूत बनाने में किया जाना चाहिए. समिति ने सुझाव दिया की एजेंसी अपनी तकनीकी ढांचे को बेहतर बनाएं. निगरानी तंत्र मजबूत करें और परीक्षा प्रक्रिया में शामिल वेंडर्स पर ज्यादा प्रभावी कंट्रोल स्थापित करें.
किन परीक्षाओं से होती है एनटीए की कमाई?
एनटीए देश की कई प्रमुख प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं का आयोजन करती है. इनमें नीट यूजी, जेईई मेन, सीयूईटी यूजी, सीयूईटी पीजी, यूजीसी नेट, सीएमएटी, जीपीएटी, आईसीएआरए सीएसआईआर-यूजीसी नेट और एनसीएचएम जेईई जैसी परीक्षाएं शामिल है. इन सभी परीक्षाओं में हर साल लाखों छात्र आवेदन करते हैं और निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करते हैं. यही फीस एजेंसी की आय का सबसे बड़ा सोर्स मानी जाती है.
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नीट परीक्षा से आता है एनटीए का सबसे बड़ा हिस्सा
एनटीए की सबसे बड़ी परीक्षाओं में शामिल नीट यूजी परीक्षा से एनटीए को सबसे ज्यादा कमाई होती है. 2026 में इस परीक्षा के लिए करीब 22.79 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों ने 1700 रुपये, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग से 1600 रुपये तथा एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी वर्ग के उम्मीदवारों से हजार रुपये आवेदन शुल्क लिया जाता है. उम्मीदवारों की संख्या को देखते हुए केवल नीट से ही सैकड़ों करोड़ों रुपये की आय होने का अनुमान लगाया जाता है.
इसके अलावा जेईई मेन और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं में भी बड़ी संख्या में छात्र शामिल होते हैं, जिससे एजेंसी को हर साल अच्छी-खासी आय प्राप्त होती है. हालांकि एनटीए की आय हजारों करोड़ रुपये में पहुंच चुकी है, लेकिन परीक्षा आयोजन की लागत भी बड़ी मानी जाती है. एजेंसी ही परीक्षा केंद्रों की बुकिंग, सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, सॉफ्टवेयर सेवाएं, प्रश्न पत्रों की प्रिंटिंग और वितरण, तकनीकी प्रबंधन तथा परीक्षा कर्मियों और एक्सपर्ट्स के पेमेंट के लिए भी बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है. इस वजह से एनटीए की कुल आय का बड़ा हिस्सा परीक्षा संचालन और उससे जुड़ी व्यवस्था में भी खर्च होता है.
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