Air India News: सफर का पैसा दें, खाने का नहीं, क्या है एयर इंडिया का ‘बेसिक फेयर’ फॉर्मूला, जिससे सस्ता मिलेगा टिकट?

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Air India Cheaper Tickets: अगर आप हवाई सफर करते हैं और चाहते हैं कि सिर्फ उतना ही पैसा चुकाएं, जितनी जरूरत हो तो एयर इंडिया ने आपके लिए एक नया विकल्प निकाला है. एयर इंडिया एयरलाइन ने आज 16 जून 2026 को अपना नया बेसिक किराया फॉर्मूला पेश किया है, जो खासतौर पर उन यात्रियों के लिए बनाया गया है, जो कम पैसे में घरेलू उड़ान भरना चाहते हैं.

क्या है ‘बेसिक फेयर’?

यह एक नई और सबसे सस्ती किराया श्रेणी है, जो एयर इंडिया के घरेलू रूट्स पर इकोनॉमी क्लास में मिलेगी. इसमें यात्री को 15 किलो चेक-इन बैगेज और 7 किलो केबिन बैगेज मिलेगा, लेकिन ध्यान रखें कि इसमें खाना-पीना यानी कॉम्प्लिमेंटरी मील शामिल नहीं होगा.

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पहले क्या था और अब क्या बदला?

एयर इंडिया पहले से वेल्यू, क्लासिक और फ्लेक्स नाम के तीन किराया विकल्प दे रही थी, जो साल 2024 में शुरू हुए थे और इन सभी में खाना शामिल था. अब बेसिक फेयर उन सबसे नीचे एक और विकल्प के तौर पर जोड़ा गया है. जो यात्री खाना अलग से नहीं चाहते उनके लिए यह सस्ता पड़ सकता है.

खाना चाहिए तो क्या करें?

बेसिक टिकट लेने के बाद भी खाना मंगाया जा सकता है, लेकिन उड़ान से कम से कम 24 घंटे पहले बुकिंग करनी होगी. वेज, नॉन वेज, जैन और डायबेटिक मील के विकल्प मिलेंगे. अगर फ्लाइट बदली और खाना पहले से बुक था तो वो नई फ्लाइट में ट्रांसफर होगा या पूरा पैसा वापस मिलेगा.

कहां और कैसे मिलेगा यह टिकट?

फिलहाल यह किराया सिर्फ कुछ चुनिंदा घरेलू रूट्स पर पायलट बेसिस पर शुरू हुआ है. इसे एयर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, कॉन्टैक्ट सेंटर और एयरपोर्ट टिकट काउंटर से बुक किया जा सकता है. थर्ड-पार्टी साइट्स पर फिलहाल उपलब्ध नहीं है.

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यात्रियों के लिए इसका क्या मतलब है?

एयर इंडिया का कहना है कि यह कदम यात्रियों को ज्यादा आजादी देने के लिए है. जो लोग सिर्फ उड़ान चाहते हैं बाकी सुविधाएं नहीं उनके लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है. हालांकि यह भी देखना होगा कि बाकी एयरलाइनों के मुकाबले यह किराया कितना सस्ता पड़ता है, क्योंकि इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी लो कोस्ट कैरियर्स पहले से इसी मॉडल पर काम करती हैं.



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