Petrol-Diesel News: धड़ाम हो रही क्रूड ऑयल की कीमतें, कितना नीचे जाने पर सस्ता हो जाएगा पेट्रोल-डीजल?

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Petrol- Diesel News: मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और तेल सप्लाई को लेकर चिंताएं घटने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एकाएक बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. ब्रेंट क्रूड की कीमत 109 डॉलर प्रति बैरल से फिसलकर 83 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है. ऐसे में खुशी का माहौल तो है लेकिन आम आदमी के मन में सवाल भी है. हर कोई जानना चाहता है कि क्रूड ऑयल की कीमत कितनी गिरेगी, जिससे भारत में पेट्रोल और डीजल भी सस्ता हो जाए. 

109 डॉलर से 83 डॉलर पर आया क्रूड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में हाल के दिनों में तेज गिरावट देखी गई है. एक समय था जब ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर प्रति बैरल पर था, लेकिन अब ये 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. मतलब कुछ ही हफ्तों में इसकी कीमत में 20 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. ईरान और इजरायल के बीच तनाव कम होने की उम्मीद और वैश्विक सप्लाई बढ़ने की संभावना ने तेल बाजार को राहत दी है.

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क्यों गिर रहे हैं तेल के दाम?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाजार को उम्मीद है कि आने वाले समय में ईरान का तेल फिर से वैश्विक बाजार में बड़ी मात्रा में पहुंच सकता है. अगर कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ती है तो कीमतों पर दबाव बनेगा और तेल सस्ता हो सकता है. यही कारण है कि निवेशकों ने भी तेल की कीमत कम होगी, इस बात का अनुमान लगाना शुरू कर दिया है.

भारत के लिए क्यों जरूरी है क्रूड ऑयल?
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात ही करता है. यानी हम कच्चे तेल के लिए ज्यादातर दूसरों पर ही निर्भर हैं. इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाला हर बड़ा बदलाव देश के आयात बिल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर डालता है. जब कच्चा तेल महंगा होता है तो तेल कंपनियों की लागत बढ़ती है. वहीं कीमतें घटने पर कंपनियों को राहत मिलती है.

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कब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
अगर ब्रेंट क्रूड लगातार 80 डॉलर प्रति बैरल या उससे नीचे बना रहता है तो तेल विपणन कंपनियों पर लागत का दबाव कम होगा. ऐसी स्थिति में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना बढ़ सकती है. हालांकि भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम सिर्फ कच्चे तेल की कीमतों से तय नहीं होते. वैसे तो फिलहाल तेल कंपनियों या सरकार की ओर से कीमत घटाने को लेकर कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है. लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय कम ही रहती हैं, तब शायद आम लोगों को पेट्रोल और डीजल के रेट पर राहत मिल जाए.



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