फ्लाइट्स में खराबी के बंपर केस, 6 महीने में आए 352 मामले- संसद में सरकार

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Flight Safety Latest News: इन दिनों लगातार सामने आ रही फ्लाइट हादसे और तकनीकी गड़बड़ियों के बीच फ्लाइट की सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच सरकार द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में एयरलाइंस के खिलाफ बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है. एविएशन वॉचडॉग DGCA ने पिछले दो सालों में अलग-अलग नियमों के खिलाफ उल्लंघन के मामलों में कई एयरलाइंस को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं. यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि एयरलाइन्स द्वारा नियमों के पालन में अब भी सुधार की जरूरत है और इसमें कई खामियां हैं.

6 महीने में कितने मामले आए सामने?

  • जून 2026 तक कुल 352 तकनीकी खामियां दर्ज की गईं.
  • इनमें से 334 मामले घरेलू उड़ानों से जुड़े थे.
  • वहीं 18 मामले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सामने आए.
  • यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लिखित तौर पर जवाब दिए थे.

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किन एयरलाइंस में कितनी तकनीकी खामियां मिलीं?

संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक:

  • अकासा एयर – 152 मामले
  • एयर इंडिया एक्सप्रेस – 53 मामले
  • इंडिगो – 47 मामले
  • एयर इंडिया – 46 मामले
  • स्टार एयर – 29 मामले
  • स्पाइसजेट – 9 मामले
  • फ्लाई91 – 9 मामले
  • इंडिया वन एयर – 5 मामले
  • ब्लू डार्ट – 2 मामले

तीन साल में कितनी तकनीकी खामियां मिलीं?

  • साल 2023 से जून 2026 तक में कुल 2,420 तकनीकी खामियां दर्ज की गईं.
  • सरकार ने इन खामियों की प्रकृति का ब्योरा नहीं दिया, लेकिन इन्हें सुरक्षा के लिहाज से खास माना गया है. 

DGCA ने क्या कारवाई की?

  • जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच DGCA ने नियमों के उल्लंघन पर एयरलाइंस को 382 कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notices) जारी किए.
  • 2023 से 2025 के दौरान मानकों के गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों पर 51 प्रवर्तन कार्रवाइयां की गईं.
  • इनमें कार्रवाइयों में जुर्माना, चेतावनी और अनुमतियों का निलंबन जैसी कार्रवाई शामिल है.

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