Personal Loan: पर्सनल लोन को अक्सर जल्दी मिलने वाला और आसान प्रोसेस बताया जाता है. कई विज्ञापनों में कहा जाता है कि तुरंत अप्रूवल मिल जाएगा, कुछ ही घंटों में पैसे खाते में आ जाएंगे और बहुत कम डॉक्युमेंट्स लगेंगे. होम लोन या बिजनेस लोन के मुकाबले यह सच में थोड़ा आसान होता है. अक्सर लोग “तुरंत” का मतलब यह समझ लेते हैं कि उन्हें कोई कागज़ात देने की जरूरत नहीं होगी. इसी गलतफहमी की वजह से कई बार लोग बिना डॉक्युमेंट तैयार किए ही लोन के लिए आवेदन कर देते हैं, जिससे बाद में प्रोसेस में देरी हो जाती है.
सच यह है कि ज्यादातर लोगों के पास जरूरी डॉक्युमेंट पहले से ही मौजूद होते हैं, बस उन्हें पहले से तैयार रखना जरूरी होता है ताकि लोन लेने में कोई परेशानी न आए.
पहचान साबित करना है जरूरी
लोन देने से पहले बैंक या कंपनी ये जरूर चेक करती है कि आप कौन हैं. मतलब आपकी पहचान सही है या नहीं. ज्यादातर लोगों के लिए ये स्टेप बहुत आसान होता है क्योंकि इसके लिए आधार, पैन, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्युमेंट लग जाते हैं. इनमें पैन कार्ड थोड़ा ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि इसी से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री देखी जाती है. यानी आपने पहले जो लोन या क्रेडिट लिया था वो आपने सही से चुकाया है या नहीं. इसलिए लोन प्रोसेस में पैन कार्ड जल्दी मांग लिया जाता है.
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आपको प्रमाणित करना होगा कि आप रहते कहां है?
आपको यह साबित करना होता है कि आप कहाँ रहते हैं. अगर आपने हाल ही में घर बदला है तो लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपने सभी डॉक्युमेंट में सही और नया पता अपडेट कर लेना चाहिए. इससे लोन लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी. कई बार लोन देने वाली कंपनियां आधार को पहचान और एड्रेस प्रूफ दोनों के रूप में स्वीकार करती हैं. वहीं कुछ मामलों में पासपोर्ट, वोटर आईडी, बिजली या पानी का बिल और रेंट एग्रीमेंट जैसे डॉक्युमेंट भी मांगे जाते हैं.
लोन के लिए आपकी इनकम है सबसे जरूरी
लोन देने वाले सबसे पहले आपकी इनकम देखते हैं. क्योंकि उन्हें ये समझना होता है कि आप पैसा वापस सही समय पर चुका पाएंगे या नहीं. अगर आप नौकरी करते हैं तो बैंक आपसे सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और कभी-कभी फॉर्म 16 भी मांग सकता है. इसका मतलब सिर्फ आपकी सैलरी देखना नहीं होता बल्कि ये देखना होता है कि आपकी कमाई हर महीने सही समय पर आ रही है या नहीं. जिन लोगों की कमाई हर महीने तय और नियमित होती है, उन्हें ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है. वहीं जिनकी इनकम कभी ज्यादा कभी कम होती है, उनके लिए लोन लेना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.
सेल्फ- एम्प्लॉयड लोगो के लिए है अलग प्रोसेस
अगर आप खुद का काम करते हैं या बिजनेस चलाते हैं, तो आपके लिए लोन की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है चूंकि आपके पास सैलरी स्लिप नहीं होती, इसलिए बैंक आपकी कमाई समझने के लिए ITR, GST रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट और बिजनेस से जुड़े रिकॉर्ड देखते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि आपको लोन मिलना मुश्किल है. बस आपके डॉक्युमेंट और फाइनेंशियल रिकॉर्ड सही और साफ होने चाहिए. अगर आपकी इनकम और पेपर्स व्यवस्थित हैं तो लोन मिलना आसान हो जाता है.
बैंक स्टेटमेंट क्यों मांगा जाता है?
बैंक स्टेटमेंट आपकी पूरी फाइनेंशियल स्थिति दिखाता है. इसमें साफ पता चलता है कि आपकी सैलरी कब आती है, पहले से कोई लोन चल रहा है या नहीं, आप कितना खर्च करते हैं और पैसों का लेन-देन कैसे करते हैं. स्टेटमेंट इसलिए मांगा जाता है ताकि यह समझा जा सके कि आप अपने पैसों को कितनी अच्छी तरह संभालते हैं और क्या आप नए लोन की जिम्मेदारी आसानी से निभा पाएंगे या नहीं.
आपका क्रेडिट स्कोर सही रहना है जरूरी
लोन देने से पहले आपकी क्रेडिट हिस्ट्री देखी जाती है. अगर आपने पहले लोन या क्रेडिट कार्ड का पैसा समय पर चुकाया है, तो आपका रिकॉर्ड अच्छा माना जाता है. इससे लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है और कई बार कम ब्याज दर भी मिल सकती है. इसी वजह से पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देख लेना अच्छा रहता है. इससे आप आगे आने वाली परेशानियों से आप बच सकते है.
सही डॉक्युमेंट्स से लोन प्रोसेस होगा तेज
पर्सनल लोन अक्सर जरूरी समय पर लिया जाता है जैसे मेडिकल इमरजेंसी, शादी, घर का काम या पैसों की जरूरत. ऐसे समय में अगर आप पहले से सारे डॉक्यूमेंट्स तैयार रखते हैं तो प्रोसेस में कोई देरी नहीं होती. पैन कार्ड, आधार, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट जैसे डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखने पर लोन जल्दी अप्रूव हो जाता है और पूरी प्रक्रिया आसान हो जाती है. इससे आपका समय भी बचता है और लोन भी जल्दी मिल जाता है.
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