Iran’s Frozen Assets: ईरान की कुछ संपत्तियां मोहम्मद रजा शाह पहलवी (Mohammad Reza Shah Pahalvi) के तख्तापलट समय से फ्रीज है. उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने अमेरिका में मौजूद ईरान की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया. बीते 47 सालों से शाह के युग की ये अचल संपत्तियां, सोना, बैंक अकाउंट्स कानूनी मुकदमों और प्रतिबंधों के बीच अटकी हुई हैं.
ओबामा प्रशासन में मिली थी राहत
2015 में बराक ओबामा के प्रशासन में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के बाद ईरान पर से प्रतिबंध हटे थे. इसके बाद ईरान बिना किसी रोकटोक के वैध तरीके से दुनिया को तेल बेचकर कमाई कर रहा था. हालांकि, 2018 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौते से बाहर निकाल दिया और उस पर व्यापारिक प्रतिबंध लगा दिए. इसका नतीजा कुछ यूं हुआ कि भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े एशियाई देशों ने ईरान से जो तेल खरीदा था, उसका पेमेंट अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग ट्रांसफर (SWIFT) ब्लॉक होने की वजह से बैंक में ही फंसा रह गया.
चीन में फंसा कितना पैसा?
ईरान का अनुमानित 20-50 अरब डॉलर चीन के पास फंसा हुआ है. अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन ईरान का सबसे बड़ा कच्चे तेल का खरीदार है. हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली पर अमेरिकी नियंत्रण के चलते आयात किए गए तेल का पैसा ट्रांसफर नहीं किया जा सका है. हालांकि, इन पैसों के कुछ हिस्से का इस्तेमाल ईरान, चीन से मशीनरी वगैरह आयात करने के लिए करता है.
भारत में भी फंसा है पैसा
2018 में लगाए गए प्रतिबंध से पहले भारत ईरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार था. प्रतिबंध लागू होने के बाद भारत की तेल कंपनियों ने ईरान से खरीदे गए तेल का भुगतान भारतीय बैंकों के एस्क्रो अकाउंट्स (Excrow Accounts) में जमा करा दिया था. हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से आगे प्रॉसेस नहीं हो सका. इसी तरह से इराक और कतर जैसे देशों में भी ईरान का अरबों डॉलर फंसा हुआ है.
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