Sunset Eclipse 2026: कैमरे में कैद करने को तरसेंगे लोग, आसमान में मचेगा गदर, जानें कहां दिखेगा जादुई नजारा?

48e81139165b13beef8e89cbcd4f7d5317818536690711257 original


Rare Sunset Eclipse On August 12 2026: आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाएं हमेशा लोगों को आकर्षित करती हैं, लेकिन सूर्य ग्रहण का नजारा उनमें सबसे खास माना जाता है. जब चांद कुछ समय के लिए सूर्य को ढक लेता है, तो दिन का उजाला अचानक शाम जैसा महसूस होने लगता है. तापमान में हल्की गिरावट आती है, पक्षियों की आवाजें कम हो जाती हैं और सूर्य के चारों ओर चमकती हुई बाहरी परत एक अद्भुत दृश्य पेश करती है. अब ऐसा ही एक दुर्लभ नजारा 12 अगस्त 2026 को देखने को मिलेगा, जिसे ‘सनसेट एक्लिप्स’ यानी सूर्यास्त के समय लगने वाला सूर्य ग्रहण कहा जा रहा है.

कहां दिखेंगे सूर्य ग्रहण के नजारे?

नासा के अनुसार, यह पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, अटलांटिक महासागर, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में दिखाई देगा.  खास बात यह है कि यूरोप में 1999 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण का ऐसा दृश्य देखने को मिलेगा. वहीं स्पेन के लिए यह और भी खास रहेगा, क्योंकि इबेरियन प्रायद्वीप में आखिरी बार 1912 में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया था. 

क्या होता है सनसेट एक्लिप्स?

‘सनसेट एक्लिप्स’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह ग्रहण सूर्यास्त के समय दिखाई देगा. नासा के मुताबिक, ग्रहण के रास्ते के पश्चिमी हिस्सों में मौजूद लोगों को सूर्य डूबते समय भी आंशिक रूप से ग्रहणग्रस्त दिखाई देगा. BBC Sky at Night के अनुसार, स्पेन में यह घटना गोल्डन ऑवर के दौरान होगी, जब सूर्य क्षितिज के काफी करीब होता है. ऐसे में ग्रहण और सूर्यास्त का संगम बेहद आकर्षक दृश्य पैदा कर सकता है. भूमध्यसागर के तटीय इलाकों में क्षितिज अपेक्षाकृत साफ रहने के कारण वहां से इसका नजारा और बेहतर देखने को मिल सकता है.

कितने देर तक मिलेगा अनुभव?

नासा के अनुसार, ग्रहण के अधिकांश दर्शकों को टोटैलिटी का अनुभव दो मिनट से भी कम समय के लिए मिलेगा. वहीं ग्रीनलैंड, रूस और उत्तरी अटलांटिक के कुछ हिस्सों में यह अवधि अधिकतम ढाई मिनट तक रह सकती है. हालांकि यह समय छोटा है, लेकिन खगोलीय घटनाओं के शौकीनों के लिए यह किसी खास अवसर से कम नहीं माना जा रहा. 

इसे भी पढ़ें: बुजुर्गों के खाने के लिए बेस्ट हैं ये पांच मछलियां, एनर्जी के साथ सेहत में भी होगा तेजी से सुधार

क्या भारत में भी दिखाई देगा?

जहां तक भारत की बात है, यह दुर्लभ सूर्य ग्रहण देश के अधिकांश हिस्सों में दिखाई नहीं देगा. नासा के विजिबिलिटी मैप में भारत को ग्रहण देखने वाले क्षेत्रों में शामिल नहीं किया गया है. हालांकि कुछ ग्रहण गणना वेबसाइटों का दावा है कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बेहद उत्तरी इलाकों में सूर्य का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा ढका हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

कैसे देख सकते हैं इसको?

यदि आप कभी सूर्य ग्रहण देखने की योजना बनाएं, तो सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. एक्सपर्ट के अनुसार, बिना सुरक्षा के सीधे सूर्य की ओर देखने से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. ग्रहण देखने के लिए केवल ISO 12312-2 मानक वाले विशेष एक्लिप्स ग्लास का ही उपयोग करना चाहिए. सामान्य धूप का चश्मा इसके लिए सुरक्षित नहीं माना जाता.

इसे भी पढ़ें- जंग लगे चाकू से खाना बनाकर आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे रेस्तरां, FSSAI ने जारी की एडवायजरी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *