Sun Pharma का बड़ा दांव: 271 करोड़ में खरीदने जा रही यह कंपनी, फोकस में रहेंगे शेयर

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  • सन फार्मा का चौथी तिमाही में लाभ 26.2% बढ़ा.

Sun Pharma Deal: भारत में दवा बनाने की सबसे बड़ी कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज (Sun Pharmaceutical Industries Ltd) 271.2 करोड़ रुपये में इनोवकेयर लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड में 100% हिस्सेदारी खरीदेगी. कंपनी ने शनिवार को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी.

क्या करती है इनोवकेयर लाइफसाइंसेज?

मुंबई बेस्ड इनोवकेयर लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड मुख्य रूप से फार्मास्युटिकल दवाओं, न्यूट्रास्युटिकल और कॉस्मेस्युटिकल उत्पादों की मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री का कारोबार करती है. 21 जुलाई, 2024 में शुरू हुई यह कंपनी महिलाओं की सेहत और वेलनेस से जुड़ी कैटेगरी में काफी लोकप्रिय है.

कारोबारी साल 2025-26 के लिए इनोवकेयर का ऑपरेशन से रेवेन्यू 94.06 करोड़ रुपये था. इससे पहले के वित्त वर्ष FY25 में भी कंपनी ने 86.09 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज कराया. इससे पता चलता है कि कंपनी लगातार मुनाफे में है. 

सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने इस अधिग्रहण को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक निवेश बताया है. यह पूरी डील 31 जुलाई तक 271.2 करोड़ के नकद भुगतान के जरिए पूरी की जाएगी. ट्रांजैक्शन खत्म होने के बाद इनोवकेयर लाइफसाइंसेज पूरी तरह से सन फार्मा की पूर्ण स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी बन जाएगी. 

न्यूट्रास्युटिकल बाजार में पकड़

भारत में न्यूट्रास्युटिकल (हेल्थ सप्लीमेंट्स और लाइफस्टाइल वेलनेस) तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो सालाना 15% के बराबर है. ऐसे में इनोवकेयर लाइफसाइंसेज में 100% हिस्सेदारी हासिल कर कंपनी हाई-मार्जिन वाले इस सेक्टर में अपनी उपस्थिति को मजबूत बनाएगी. इस भारी-भरकम निवेश से सन फार्मा के घरेलू फॉर्मूलेशन बिजनेस, क्रॉनिक और लाइफस्टाइल थेरेपी वर्टिकल को बढ़ावा मिलेगा. 

चौथी तिमाही के नतीजे  

कारोबारी साल 2026 की चौथी तिमाही में सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 26.2% की दर से बढ़ा है. इस दौरान कंपनी ने 2714 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की चौथी तिमाही में 2150 करोड़ रुपये था.

चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 12.8% उछलकर 14,612 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पहले 12,959 करोड़ रुपये था. कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 6.2% बढ़कर 3,954 करोड़ रुपये हो गया, जो लगाए गए 3946 करोड़ रुपये के अनुमान के बराबर है. हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल की चौथी तिमाही के 28.7% से घटकर 27.1% हो गया, लेकिन यह 27.2% के अनुमान के मुताबिक ही था.

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