Smartwatch Cause Cancer Risk : क्या स्मार्टवॉच पहनने से सच में होता है कैंसर, जानिए इसकी क्या है सच्चाई?

4b993c0051f459f3a1e57f56d9f231c517781352884841120 original


Smartwatch Cause Cancer Risk : आज के समय में स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. लोग इन्हें सिर्फ समय देखने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सेहत पर नजर रखने के लिए पहनते हैं. हार्ट रेट, नींद, कदमों की गिनती, कैलोरी बर्न और कई हेल्थ डेटा अब हमारी कलाई पर ही उपलब्ध होता है, लेकिन जैसे-जैसे इनका इस्तेमाल बढ़ा है, वैसे-वैसे एक सवाल भी तेजी से सामने आने लगा है कि क्या स्मार्टवॉच पहनने से कैंसर हो सकता है. इस सवाल को लेकर इंटरनेट पर कई तरह की बातें और रिसर्च सामने आती हैं, जिससे लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि क्या स्मार्टवॉच पहनने से सच में कैंसर होता है, इसकी सच्चाई क्या है. 

क्या स्मार्टवॉच पहनने से सच में कैंसर होता है?

स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं जो हमारी कलाई पर पहने जाते हैं. ये फोन से कनेक्ट होकर काम करते हैं और ब्लूटूथ जैसे वायरलेस सिग्नल का इस्तेमाल करते हैं. ये डिवाइस शरीर के अलग-अलग संकेतों को मापते हैं जैसे दिल की धड़कन (Heart rate), नींद की क्वालिटी, कदमों की संख्या और फिजिकल एक्टिविटी, इनसे निकलने वाला रेडियो सिग्नल बहुत कम ताकत वाला होता है और यह non-ionising radiation होता है, यह उस तरह की हानिकारक रेडिएशन नहीं है जो DNA को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का कारण बन सकती है. 

क्या स्मार्टवॉच की रेडिएशन खतरनाक है?

अब तक की वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, स्मार्टवॉच का रेडियो सिग्नल बहुत कम होता है. यह मोबाइल फोन से भी कम होता है. यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सीमाओं के भीतर रहता है. अभी तक इससे कैंसर होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है. इसलिए सिर्फ सिग्नल या ब्लूटूथ के कारण स्मार्टवॉच को कैंसर का कारण नहीं माना गया है. 

इसकी सच्चाई क्या है?

हाल के समय में एक नया मुद्दा सामने आया है, जो स्मार्टवॉच के सिग्नल से नहीं बल्कि उसके स्ट्रैप से जुड़ा है. कुछ रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कई फिटनेस बैंड और स्मार्टवॉच स्ट्रैप में सिंथेटिक रबर (fluoroelastomers) का इस्तेमाल होता है, जिसमें PFAS नामक केमिकल हो सकते हैं. इनमें से एक केमिकल PFHxA के बारे में चर्चा हुई है, जिसे forever chemicals भी कहा जाता है क्योंकि ये पर्यावरण में जल्दी नहीं टूटते हैं. 

यह भी पढ़ें –  Benefits Of Eating Liver: क्या कमजोरी दूर करने के लिए कलेजी खाना है सही? खाने से पहले जान लें ये सच

PFAS और PFHxA क्या हैं?

PFAS एक बड़ा केमिकल समूह है जो कई प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होता है जैसे कपड़े, नॉन-स्टिक कोटिंग, पैकेजिंग और रबर प्रोडक्ट्स, कुछ रिसर्च में इन केमिकल्स को लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में संपर्क में रहने पर संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़ा गया है.हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि स्मार्टवॉच पहनने से सीधे कैंसर होता है. 

स्मार्टवॉच पहनने से क्या समस्याएं देखी जाती हैं?

डॉक्टरों के अनुसार स्मार्टवॉच से जुड़े जो आम मामले सामने आते हैं, वे स्किन एलर्जी, खुजली या रैश, स्ट्रैप की वजह से दबाव के निशान, लंबे समय तक टाइट पहनने से त्वचा में जलन है. ये समस्याएं ज्यादा सामान्य हैं और आसानी से ठीक हो जाती हैं. 

यह भी पढ़ें – 8 Hours Sleep But Still Tired: 8 घंटे सोकर भी नहीं मिट रही थकान, इस गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर रहा शरीर

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *