Prenatal Yoga Benefits: प्रेग्नेंसी में कमर दर्द और खराब नींद से मिलेगा छुटकारा, बस रोज करें ये एक काम

79aba80f903d1964aaa1140f5e156da117820394331071257 original


Benefits Of Prenatal Yoga During Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान अच्छी नींद लेना कई महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. बढ़ता वजन, शरीर में दर्द, बार-बार करवट बदलना और हार्मोनल बदलाव अक्सर रात की नींद खराब कर देते हैं. ऐसे में कई एक्सपर्ट प्रीनेटल योग को एक असरदार विकल्प मानते हैं. नियमित रूप से किए जाने वाले हल्के योग अभ्यास न केवल शरीर को आराम पहुंचाते हैं, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद कर सकते हैं. 

योग से कैसे होता है फायदा?

डॉ. नेहा शुक्ला ने TOI को बताया कि प्रेग्नेंसी में एक्टिव लाइफस्टाइल बनाए रखना बेहद जरूरी है. उनके अनुसार, प्रीनेटल योग महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का एक सुरक्षित तरीका हो सकता है. इसमें नियंत्रित श्वास, हल्की स्ट्रेचिंग और रिलैक्सेशन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. गर्भावस्था के दौरान सिर्फ शरीर ही नहीं, मन भी कई बदलावों से गुजरता है. प्रसव को लेकर चिंता, भविष्य की जिम्मेदारियां और हार्मोनल उतार-चढ़ाव कई महिलाओं में तनाव और बेचैनी बढ़ा सकते हैं. ऐसे समय में योग और ध्यान मन को शांत करने का काम करते हैं. डॉ. नेहा शुक्ला के मुताबिक, नियमित योग अभ्यास से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ सकता है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है. 

यह भी पढ़ें – Men Health After 40: 40 पार पुरुषों के शरीर में एक्टिव होते हैं साइलेंट किलर, जान बचानी है तो जरूर कराएं ये 4 टेस्ट

कैसे होता है यह फायदेमंद?

प्रीनेटल योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्राणायाम भी है. गहरी और नियंत्रित सांस लेने की तकनीकें शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर बनाती हैं. यही तकनीकें प्रसव के समय भी महिलाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि सही तरीके से की गई ब्रीदिंग एक्सरसाइज महिलाओं को प्रसव के दौरान अधिक शांत और केंद्रित रहने में मदद कर सकती है.

आम परेशानियों को भी कम करने में भी मददगार

मेंटल हेल्थ के अलावा प्रीनेटल योग शरीर की कई आम परेशानियों को भी कम करने में मदद कर सकता है. प्रेग्नेंसी बढ़ने के साथ पीठ, कमर और कूल्हों पर दबाव बढ़ने लगता है. कुछ विशेष योगासन मांसपेशियों को मजबूत बनाने, शरीर की लचक बढ़ाने और सही पोस्चर बनाए रखने में मदद करते हैं. इससे कमर दर्द, जकड़न और सूजन जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. बेहतर ब्लड फ्लो भी इसका एक अहम लाभ माना जाता है. 

इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए

एक्सपर्ट के अनुसार प्रेग्नेंसी में हर योगासन सुरक्षित नहीं होता. डॉ. नेहा शुक्ला के अनुसार, गहरे ट्विस्ट, कठिन बैकबेंड और ज्यादा तीव्र व्यायाम से बचना चाहिए. जिन महिलाओं को सर्वाइकल इनसफिशिएंसी, अनियंत्रित हाई बीपी, गंभीर एनीमिया, प्लेसेंटा प्रिविया या समय से पहले प्रसव का खतरा हो, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. यही कारण है कि प्रीनेटल योग शुरू करने से पहले डॉक्टर और प्रशिक्षित योग एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी माना जाता है.

इसे भी पढ़ें- भूलने की आदत होगी दूर, योग से याददाश्त रहेगी एकदम लोहे जैसी मजबूत, एम्स स्टडी में खुलासा

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *