रूस से सस्ता तेल बंद हुआ तो 120 रुपए के पार होगा पेट्रोल? समझें 100% US टैरिफ का गणित

82424402329021f3f3e3bff26aed19db17861587520871379 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • अमेरिकी सीनेट ने रूस प्रतिबंध बिल को पारित किया.
  • यह बिल रूसी तेल-गैस खरीदारों पर 100% टैरिफ लगाएगा.
  • भारत और चीन जैसे देश इसके संभावित दायरे में आएंगे.
  • राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही यह कानून प्रभावी होगा.

Russia Sanctions Bill: अमेरिका ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर नकेल कसने की बड़ी तैयारी कर ली है. अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के भारी बहुमत से Russia Sanctions Bill को पारित कर दिया है. इसमें भारत और चीन जैसे देशों पर 100% टैरिफ लगाने का प्रावधान है. बता दें कि इस बिल का नाम हाल ही में बदलकर ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ कर दिया गया है. यह बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों से आने वाले सामान पर 100% टैरिफ लगाने की इजाजत देता है, जो रूस से तेल और गैस की खरीदारी करते हैं. 

लिस्ट में कौन-कौन से देश शामिल?

अभी चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया रूस से तेल और गैस के टॉप पांच आयातक देश हैं. इन सभी से आने वाले वाले सामानों पर अमेरिका अब 100% टैरिफ लगाने जा रहा है. इस बिल के जरिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, क्रेमलिन के शीर्ष अधिकारियों और वित्तीय संस्थानों पर कड़े प्रतिबंध लगाने, सीधे रूसी आयातों पर 500% तक का टैरिफ लगाने और रूस के शैडो फ्लीट (गुप्त तेल टैंकर के नेटवर्क) को पूरी तरह से ब्लॉक करने का प्रावधान है. 

रूस पर प्रतिबंधों के अलावा, यह बिल ‘ईरान सैंक्शन्स एक्ट ऑफ 1996’ की समय-सीमा को 2031 तक बढ़ा देगा. यह कानून उन कंपनियों पर जुर्माना लगाता है, जो ईरान के एनर्जी सेक्टर में निवेश करती हैं. 

क्या भारत पर तुरंत लगेगा 100% टैरिफ‌?

सीनेट में पास होने के बाद अब यह बिल अमेरिकी संसद के निचले सदन में भेजा जाएगा. निचले सदन में पास होने और अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक हस्ताक्षर के बाद यह बिल कानून का रूप लेगा. इसके बाद भारत पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा या नहीं, यह अमेरिकी प्रशासन की कूटनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा. 

भारत मौजूदा समय में रूस से रियायती दरों पर कच्चे तेल की अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा खरीद रहा है. ऐसे में अगर अमेरिका भारत पर 100% टैरिफ लगाता है, तो अमेरिकी बाजारों में भारतीय निर्यात प्रभावित हो सकते हैं. अमेरिका में भारतीय टेक्सटाइल, आईडी हार्डवेयर और फार्मा का बड़ा बाजार है. इससे दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ताएं प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि, भारत ने भी पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि देश के ऊर्जा हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. 

ये भी पढ़ें:

आज सुबह पेट्रोल-डीजल के नए रेट हुए अपडेट, जानें दिल्ली से पटना अब 1 लीटर की कीमत? 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *