Crude Oil Price Drop: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. बीते दिनों ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद होर्मुज संकट पैदा हआ और इस वजह से कच्चे तेल के दाम ने आसमान छू लिया था. कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई थीं. इस दौरान तेल कंपनियों ने भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए थे.
हालांकि अब ईरान-अमेरिका डील के बाद होर्मुज संकट टल गया है. होर्मुज से अब गैस और तेल वाले जहाजों की आवाजाही शुरू हो गई है. यानी कच्चे तेल की सप्लाई अब पहले से काफी बेहतर हो गई है. ऐसे में हालात सुधरने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 76 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के बाद लोगों की नजरें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिक गई हैं.
तेल की कीमतें क्यों गिर रही हैं?
कच्चे तेल के दाम कम होने के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर तनाव कम होना है. इसके साथ ही एक वजह सप्लाई को लेकर बनी चिंता का भी खत्म होना है. ईरान-अमेरिका विवाद के दौरान होर्मुज संकट की वजह से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की काफी आशंका जताई जा रही थी, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में काफी तेजी से उछाल देखने को मिला था. अब हालात सुधरने के बाद बाजार में सप्लाई को लेकर भरोसा बढ़ा है. मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन के कारण कच्चे तेल की कीमतें नीचे आने लगी हैं.
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत घटेंगे?
कच्चे तेल के सस्ता होने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही ऑयल कंपनी पेट्रोल और डीजल के दामों में भी कटौती करेंगी. हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम घटने का असर सीधे पेट्रोल पंपों पर नहीं दिखाई देता है, बल्कि इसमें कुछ समय लग सकता है.
तेल कंपनियां कच्चे तेल की कीमत के साथ-साथ डॉलर के मुकाबले रुपये कि स्थिति और अन्य खर्चों को ध्यान में रखते हुए इन कीमतों में बदलाव करती हैं. ऐसे में अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत कम रहती है तो पेट्रोल-डीजल कि दाम में गिरावट देखने को मिल सकता है.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार ने क्या कहा था?
कुछ दिन पहले पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी कहा था कि ऑयल कंपनियों के पास अभी महंगे कच्चे तेल का स्टॉक मौजूद है. जैसे ही कम कीमत वाले कच्चे तेल का स्टॉक प्रोसेस होगा, तेल की खुदरा कीमतों में कटौती की जा सकती है.
होर्मुज ने दूर की टेंशन!
बता दें कि होर्मुज खुलने से अब तेल की सप्लाई में राहत मिली है. अगर आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम घटते हैं तो आम लोगों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि पेट्रोल डीजल महंगा होने से माल ढुलाई के दाम भी बढ़ जाते हैं, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ता है. माल ढुलाई बढ़ती है तो रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ने लगते हैं.