Chaiti Chhath 2026 Sandhya Surya Arghya Time: चैती छठ पर आज दिया जाएगा संध्या अर्घ्य, जानें शहर अनुसार समय

d03af51057d2e9f0af8b678860b667831774321422477466 original


Chaiti Chhath 2026 Sandhya Arghya Time: छठ महापर्व हिंदू धर्म का सबसे कठिन व्रत माना जाता है. इसमें व्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं. सूर्य देव और छठी मईया की उपासना से जुड़ा लोग आस्था का महापर्व छठ पूजा साल में दो बार मनाया जाता है. चैत्र महीने में चैती छठ और कार्तिक महीने में कार्तिकी छठ के रूप में इसे मनाया जाता है.

इस साल 22 मार्च 2026 को नहाय खाय के साथ चैती छठ पूजा की शुरुआत हुई है. चार दिवसीय चैती छठ का आज यानी 24 मार्च को तीसरा दिन है. आज व्रत रखकर व्रतधारी डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे. छठ ऐसा एकमात्र पर्व है, जब डूबते हुए सूर्य को भी अर्घ्य देकर पूजा की जाती है. आज व्रती महिलाएं और पुरुष निर्जला व्रत रखकर कमर तक पानी में डूबकर सूर्य देव को अर्घ्य देंगे और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और संतान के लंबी उम्र की कामना करेंगे.

संध्या अर्घ्य में क्या होता है

छठ पर्व के तीसरे दिन यानी आज 24 मार्च 2026 को संध्या के समय व्रती नदी, तालाब, सरोवर या घाट पहुंचकर कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देंगे. इस दौरान बांस की सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना, नारियल, कसार, केला समेत अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है. घाटों पर छठी मैया के गीतों और भक्ति के माहौल के बीच डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है. आज कई लोग घर के आंगन या छत पर पानी के डब आदि में भी अर्घ्य देने की व्यवस्था करने लगे हैं.

संध्या अर्घ्य पर मुख्य रूप से सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य देने की परंपरा है. पंचांग के मुताबिक आज सूर्यास्त का समय शाम 06:34 रहेगा. इस समय के आसपास सूर्य को अर्घ्य दिया जा सकता है. हालांकि अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त का समय थोड़ा अंतर भी होता है, इसलिए जान लें अपने शहर अनुसार अर्घ्य का समय.

शहर अनुसार संध्या अर्घ्य का समय (city wise sunset time)
शहर का नाम (City Name) सूर्यास्त का समय (Sunset Time)
 पटना (Patna) शाम 06 बजकर 02 मिनट
रांची (Ranchi) शाम 06 बजकर 01 मिनट
गोरखपुर (Gorakhpur) शाम 06 बजकर 10 मिनट
दिल्ली (Delhi) शाम 06 बजकर 35 मिनट
प्रयागराज (Prayagraj) शाम 06 बजकर 15 मिनट
जमशेदपुर (Jamshedpur) शाम 05 बजकर 56 मिनट
बोकारो (Bokaro) शाम 05 बजकर 58 मिनट
गया (Gaya) शाम 06 बजकर 34 मिनट
भागलपुर (Bhagalpur) शाम 05 बजकर 55 मिनट
मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) शाम 06 बजकर 01 मिनट
वाराणसी (Varanasi) शाम 06 बजकर 11 मिनट
लखनऊ (Lucknow) शाम 06 बजकर 19 मिनट
मऊ (Mau) शाम 06 बजकर 09 मिनट
देवघर (Deoghar) शाम 05 बजकर 56 मिनट
नोएडा (Noida) शाम 06 बजकर 34 मिनट
छपरा (Chapra) शाम 06 बजकर 04 मिनट
कोलकाता (Kolkata) शाम 05 बजकर 49 मिनट
भोपाल (Bhopal) शाम 06 बजकर 33 मिनट
मुंबई (Mumbai) शाम 06 बजकर 51 मिनट
पुणे (Pune) शाम 06 बजकर 46 मिनट
बेगूसराय (Begusarai) शाम 05 बजकर 58 मिनट

संघ्या अर्घ्य देने के बाद छठ महापर्व का समापन चौथे दिन यानी चैत्र शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा. इसके बाद पारण किया जाएगा.

ये भी पढ़ें: Chaiti Chhath Vrat Katha in Hindi: चैती छठ पर्व क्यों मनाते हैं, नहीं जानते तो पढ़ें ये कथा
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *