Different Types Of Moms And Their Parenting Styles: बचपन में हम अपनी मां को किसी किताब के किरदार की तरह समझने की कोशिश नहीं करते. बस उनके साथ रहते हैं, कभी लड़ते हैं, कभी जिद करते हैं और धीरे-धीरे बिना महसूस किए बहुत कुछ सीखते जाते हैं. समय बीतने के बाद समझ आता है कि हमारा बचपन यूं ही नहीं बना था, बल्कि उसे हमारी मां के स्वभाव और परवरिश ने आकार दिया था.
पैरेंटिंग स्टाइल जैसी बातें किताबों में भले बड़े शब्द लगें, लेकिन असल जिंदगी में ये यादों, आदतों और उन छोटी-छोटी बातों में छिपी होती हैं, जिनका मतलब हमें बड़े होकर समझ आता है. मदर्स डे के मौके पर यह उन अलग-अलग तरह की मांओं को याद करने का वक्त है, जिन्होंने अपने तरीके से हमारी जिंदगी को गढ़ा.
टोकाटाकी नहीं करनी वाली कूल मां
कुछ मांएं ऐसी होती हैं जिन्हें बच्चे ‘कूल मां’ मानते हैं. वे हर छोटी बात पर टोकाटाकी नहीं करतीं. देर तक बाहर रहने देना, अपनी राय खुलकर रखने देना या छोटी गलतियों पर ज्यादा हंगामा न करना, यही उनकी खासियत होती है. लेकिन फिर एक दिन ऐसा आता है जब आप कोई ऐसी गलती कर बैठते हैं, जो उनकी तय की हुई सीमा पार कर देती है. तब वे चिल्लाती नहीं, बस शांत होकर आपको एहसास करा देती हैं कि बात गंभीर है. उनकी यही शांति कई बार डांट से ज्यादा असर करती है. बाद में समझ आता है कि उन्होंने हर वक्त डर नहीं बनाया, बल्कि सही समय पर सही बात समझाई.
परीक्षा से पहले संदेश से लेकर दो टूक में मूड समझ जाने वाली मां
फिर होती हैं “हेलिकॉप्टर मां”. यानी वो मां जो हर समय आपकी चिंता में लगी रहती हैं. परीक्षा से पहले संदेश भेजना, खाना समय पर खाया या नहीं पूछना, या सिर्फ दो शब्दों के जवाब से आपका मूड समझ जाना, ये सब उनकी आदत में शामिल होता है. बचपन में यह दखलअंदाजी जैसा लगता है, लेकिन उम्र बढ़ने पर एहसास होता है कि उनकी हर चिंता के पीछे सिर्फ प्यार छिपा था. उनका हर समय आसपास बने रहना दरअसल यह कहने का तरीका था कि “तुम अकेले नहीं हो.”
इन मांओं की बातें याद करके आ जाती है चेहरे पर मुस्कान
कुछ मांएं ऐसी भी होती हैं जिनकी बातें अनजाने में सबसे ज्यादा मजेदार लगती हैं. वे मजाक करने की कोशिश नहीं करतीं, लेकिन उनका बोलने का अंदाज, चेहरे का भाव और सीधी-सादी बातें बाद में याद करके हंसी दिला देती हैं. कई बार उनकी कही साधारण बातें ही परिवार के सबसे मजेदार किस्से बन जाती हैं. धीरे-धीरे उनकी वही आदतें हमारे स्वभाव और ह्यूमर का हिस्सा बन जाती हैं.
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सपोर्ट हमेशा लेकिन जताने से दूर रहने वाली मां
एक ‘सहारा देने वाली मां’ भी होती हैं, जो प्यार का दिखावा नहीं करतीं, लेकिन हर वक्त आपके साथ खड़ी रहती हैं. उन्हें आपकी पसंद-नापसंद याद रहती है, आपकी चिंता रहती है और बिना बताए आपके लिए बहुत कुछ करती रहती हैं. उनका साथ शोर वाला नहीं, बल्कि सुकून देने वाला होता है. बाद में समझ आता है कि हर किसी को ऐसा शांत और भरोसेमंद साथ नहीं मिलता.
क्या आपकी भी मां हैं सख्त?
आखिर में होती हैं ‘सख्त मां’. नियम, अनुशासन और साफ सीमाएं तय करने वाली मां. बचपन में उनकी रोक-टोक बुरी लग सकती है, लेकिन समय के साथ समझ आता है कि उनकी सख्ती में भी प्यार छिपा था. उन्होंने सिर्फ नियम नहीं बनाए, बल्कि हमें जिम्मेदार और मजबूत इंसान बनने की सीख दी.
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