Delhi Private School Fees 2026-27: दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था की समय सीमा तय कर दी है. दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली स्कूल एजुकेशन ऑर्डर 2026 विधानसभा में पेश किया. इसके तहत सभी प्राइवेट स्कूलों को फीस निर्धारण की प्रक्रिया के लिए स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी गठित करनी होगी. सरकार ने साफ किया है कि नई 3 साल की फीस व्यवस्था लागू होने तक स्कूल 1 अप्रैल 2025 को लागू फीस से ज्यादा रकम नहीं वसूल सकेंगे. सरकार ने यह कदम फीस नियमन कानून को लागू करने में सामने आई व्यवहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए उठाया है. नई व्यवस्था के तहत 2026-27 से शुरू होने वाले तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए फीस तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
10 दिन में बनानी होगी फीस कमेटी
नए आदेश के अनुसार दिल्ली के सभी प्राइवेट स्कूलों को दिल्ली गजट में आदेश प्रकाशित होने के 10 दिनों के अंदर एसएलएफआरसी का गठन करना होगा. हालांकि जिन स्कूलों ने 24 दिसंबर 2025 के पुराने आदेश के तहत पहले ही यह कमेटी बना ली है, उन्हें दोबारा समिति गठित करने की जरूरत नहीं होगी. उनकी मौजूदा कमेटी को नया आदेश के तहत वैध माना जाएगा. कमेटी बनाने के बाद स्कूल प्रबंधन को 14 दिनों के अंदर अगले तीन शैक्षणिक वर्षों यानी 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए प्रस्तावित फीस का पूरा विवरण कमेटी के सामने रखना होगा. इसके बाद कमेटी प्रस्ताव की जांच कर कानून के तहत फीस तय करेगी.
नई किस्त होने तक बढ़ोतरी पर रोक
सरकार ने फीस को लेकर सबसे अहम प्रावधान संक्रमण अवधि के लिए किया है. जब तक 2026-27 से शुरू होने वाले नए 3 साल के लिए फीस तय नहीं हो जाती, तब तक प्राइवेट स्कूल 1 अप्रैल 2025 को जो फीस ले रहे थे, उससे ज्यादा फीस नहीं ले सकेंगे. अगर इस अवधि में किसी स्कूल ने तय सीमा से ज्यादा फीस वसूली है तो नई फीस संरचना तय होने के बाद उस अतिरिक्त राशि को अंतिम रूप से स्वीकृत फीस में समायोजित करना होगा.
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2025-26 की ज्यादा फीस वसूली पर भी नजर
फीस से जुड़े विवादों और अपील के लिए दिल्ली के प्रत्येक जिले में District Fee Appellate Committee बनाई जाएगी. आदेश के बाद 30 दिनों के अंदर शिक्षा निदेशक को सभी जिलों में इन समितियां का गठन करना होगा. फीस निर्धारण से जुड़े किसी फैसले पर आपत्ति होने की स्थिति में संबंधित पक्ष इन समितियों के सामने अपील कर सकेंगे. इसके अलावा सरकार ने 2025-26 शैक्षणिक क्षेत्र के दौरान प्राइवेट स्कूलों की ओर से वसूली गई, ज्यादा फीस को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है. आदेश के अनुसार इस अवधि में ली गई अत्यधिक फीस के मामले को कानून के तहत देखा जाएगा. हालांकि फीस नियमन कानून और उससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के अंतिम फैसले का भी इन मामलों पर असर रहेगा
क्यों बदली गई समय सीमा?
दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 को 10 दिसंबर 2025 को अधिसूचित किया गया था. इस कानून में स्कूलों को शैक्षणिक वर्ष के 15 जुलाई तक फीस नियमन समितियां गठित करने का प्रावधान था. लेकिन कानून लागू होने की तारीख और तय समय सीमा के बीच कम समय होने के कारण 2025-26 सत्र में इस प्रक्रिया को लागू करना संभव नहीं हो पाया.
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