
सबसे पहली और सबसे बड़ी वजह है कुकर को ज्यादा भर देना. बहुत से लोग जल्दी में पूरा कुकर खाने से भर देते हैं, लेकिन ऐसा करना बहुत खतरनाक होता है. दरअसल कुकर में हमेशा कुछ जगह खाली छोड़ना चाहिए, ताकि भाप आसानी से बन सके और उसे निकलने कि जगह मील सके. कुकर में कोई भी चीज पकाने से उसके अंदर का सामान फूल जाता है और झाग बनाती हैं. यह झाग कई बार कुकर के सेफ्टी वॉल्व और रास्ते को बंद कर देता है, जिससे अंदर बनी भाप बाहर नहीं निकल पाती और दबाव खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है.

दूसरी बड़ी वजह है कुकर की रबर वाली सीट यानी गैसकेट का खराब हो जाना. यह रबर रिंग कुकर के ढक्कन और बर्तन के बीच एक टाइट सील बनाने का काम करती है, जिससे अंदर की भाप बाहर नहीं निकल पाती और दबाव सही तरीके से बनता है. कई बार लोग समझते हैं कि केवल कुकर नया खरीद लेने से उनकी जिम्मेदारी खत्म हो जाती लेकिन समय के साथ यह रबर पुरानी, सख्त या फटी हुई हो जाती है, और जब यह ठीक से सील नहीं बना पाती, तो भाप गलत तरीके से बाहर निकलने लगती है या फिर अंदर दबाव बहुत ज्यादा बन जाता है. इसलिए हर कुछ महीनों में इस रबर रिंग की जांच करते रहना चाहिए, और अगर इसमें कोई दरार या टूट-फूट दिखे, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए.
Published at : 28 Jun 2026 03:05 AM (IST)