थिएटर में छिपकर ‘कभी अलविदा ना कहना’ देख रहे थे करण जौहर, फिर जो हुआ उसे कभी नहीं भूल पाए

5a70698da78bb2658ea7e500c92b243e17864241787551400 original


बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर की फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ को रिलीज हुए 20 साल पूरे हो गए हैं. साल 2006 में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था. फिल्म की कहानी शादी, प्यार और एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर पर आधारित थी, जिसे लेकर उस समय करण जौहर को काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी थी. अब फिल्म के 20 साल पूरे होने पर करण जौहर ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है.

रिलीज से पहले ही डरे हुए थे करण जौहर
करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने फिल्म की रिलीज से पहले और बाद के कई किस्से बताए. करण ने बताया कि इस फिल्म में कुछ कमियां थीं और कुछ गाने ऐसे थे, जिन्हें फिल्म में रखने की जरूरत नहीं थी. करण जौहर ने बताया कि ‘कभी अलविदा ना कहना’ की रिलीज से एक रात पहले उन्होंने एक सिनेमाघर में पेड प्रीव्यू रखा था. वो चुपचाप आम दर्शकों के बीच बैठकर अपनी फिल्म देखने पहुंचे थे. 

थिएटर में छिपकर 'कभी अलविदा ना कहना' देख रहे थे करण जौहर, फिर जो हुआ उसे कभी नहीं भूल पाए

करण जौहर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
करण जौहर ने लिखा, ‘कभी अलविदा ना कहना की रिलीज से एक रात पहले पास के एक थिएटर में पेड प्रीव्यू रखा गया था. मैं चुपचाप दर्शकों के बीच फिल्म देखने पहुंचा. मेरे ठीक पीछे एक अधेड़ उम्र का कपल बैठा था, जो काफी गुस्से में लग रहा था और अपना गुस्सा बेचारे पॉपकॉर्न पर निकाल रहा था. फिल्म में एक वक्त देव और माया होटल की लिफ्ट में जाते हैं और दोनों अपने प्यार और चाहत के आगे झुक जाते हैं. ये देखकर साड़ी पहनी महिला ने हैरानी से अपने पति की तरफ देखा और उसके हाथ से पॉपकॉर्न गिर गया. पति ने पीछे मुड़कर गुजराती में कहा, ‘ड्रीम सीक्वेंस है!’ लेकिन जब उसे एहसास हुआ कि ये सपना नहीं था, तो उसने गुस्से में अपनी पत्नी को देखा और तुरंत वहां से निकलने का इशारा किया. दोनों थिएटर से चले गए और मेरा दिल बैठ गया.’

‘फिल्म में कमियां थीं, कुछ गाने भी नहीं होने चाहिए थे’
करण जौहर ने आगे बताया कि फिल्म देखने के बाद उनका सामना एक महिला और उसकी रोती हुई बेटी से हुआ. उन्होंने लिखा, ‘मैं थिएटर से बाहर निकला तो मेरे मन में कई तरह के भाव थे. तभी एक महिला अपनी रोती हुई बेटी के साथ मेरे पास आई. मुझे लगा कि शायद वो फिल्म से भावुक हुई है. उसने पूछा, “क्या आप करण जौहर हैं?” मैंने डरते हुए गर्व के साथ हां कहा. उसने कहा, “मैं अपनी बेटी को गाने, डांस और फैमिली ड्रामा दिखाने लाई थी, क्योंकि ये आपकी फिल्म है. आप पर शर्म आती है.” मुझे डर लगा कि कहीं वो मुझे मार न दे, इसलिए मैं वहां से जल्दी हट गया.’ 

थिएटर में छिपकर 'कभी अलविदा ना कहना' देख रहे थे करण जौहर, फिर जो हुआ उसे कभी नहीं भूल पाए

फिल्म को लेकर बंटी थी लोगों की राय
करण ने आगे लिखा, ‘फिल्म को लेकर लोगों की राय बंटी हुई थी. किसी ने इसे मेरा सबसे अच्छा काम बताया, तो किसी ने इसे ‘संस्कारी’ मूल्यों के खिलाफ बताया और काफी नफरत भी मिली. मैंने सब कुछ सुना. कुछ हफ्ते बाद एयरपोर्ट लाउंज में मेरी मुलाकात एक महिला से हुई. उस समय मुझे लगता था कि कभी भी कोई मुझ पर हमला कर सकता है. उसने मुझसे कहा, “मुझे आपकी फिल्म बहुत पसंद आई, लेकिन मैंने अपने पति से झूठ बोलकर कहा कि मुझे फिल्म पसंद नहीं आई. अगर मैं उसे बताती कि मुझे फिल्म पसंद आई, तो वो मुझसे पूछता कि इसमें मुझे क्या अच्छा लगा.’

यह भी पढ़ें: GDN से DC तक, इस हफ्ते थिएटर में रिलीज हुईं 4 साउथ फिल्में, जानें किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देंगी दस्तक

मुझसे नफरत मिली, लेकिन नीयत सही थी…
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं फिल्म की कमियों से इंकार नहीं करता… इसका स्केल जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया था, लेकिन मुझे हमेशा लगा कि इसकी नीयत सही थी. इस फिल्म ने कभी भी अफेयर को सपोर्ट नहीं किया, लेकिन इसने ये जरूर दिखाया कि प्यार या इच्छा की तलाश में शादी की सीमा से बाहर कदम बढ़ाना आपकी नींव और परिवार को तबाह कर सकता है. ये एक ऐसा फैसला है, जो सिर्फ हमें ही लेना होता है.’

फिल्म को नजरअंदाज नहीं कर सकते…
करण लिखते हैं, ‘हां… हर कहानी अलग होती है, हर परिस्थिति अनोखी होती है, हर इंसान की अपनी वजहें होती हैं… लेकिन कहानियों और फिल्मों का मकसद आपको सोचने पर मजबूर करना… या खुद से जोड़कर देखना होता है. ‘कभी अलविदा ना कहना’ ने शायद वही किया. आप इससे नफरत कर सकते हैं या प्यार कर सकते हैं… लेकिन ये आपको नजरअंदाज करने का मौका बिल्कुल नहीं देती. 20 साल बाद, मैं कई ऐसे लोगों से मिलता हूं जो मुझे बताते हैं कि वो तब इस फिल्म से खुद को नहीं जोड़ पाए थे, लेकिन आज इसे बेहतर समझते हैं. मैं अपनी फिल्म की शानदार स्टारकास्ट और क्रू का बहुत आभारी हूं. उनके जुनून और लगन के लिए मैं हमेशा उनका कर्जदार रहूंगा.’ 

थिएटर में छिपकर 'कभी अलविदा ना कहना' देख रहे थे करण जौहर, फिर जो हुआ उसे कभी नहीं भूल पाए

‘कभी अलविदा ना कहना’ के बारे में जानिए
‘कभी अलविदा ना कहना’ 11 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इसमें अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, अभिषेक बच्चन, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा जैसे एक्टर्स नजर आए थे. सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, इस फिल्म ने दुनिया भर में 111.20 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जबकि इस फिल्म का बजट 50 करोड़ रुपये था. ये फिल्म नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है.

यह भी पढ़ें: नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 बनी 6 एपिसोड की सीरीज, जानें ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ देखने की 5 वजहें





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *