Personal Loan vs Credit Card: कई बार अचानक से ऐसी कोई इमरजेंसी आ जाती है जिसके लिए तुरंत में पैसों की जरूरत पड़ जाती है. कोई मेडिकल इमरजेंसी या कोई फाइनेंशियल इमरजेंसी कभी भी आ सकती है. ऐसे में लोगों के पास होते हैं दो रास्ते किसी से उधार लेना या फिर पर्सनल लोन लेना, या फिर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना.
हालांकि पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड भी एक तरह से उधार ही होता है. दोनों से जल्दी पैसे मिल सकते हैं, लेकिन दोनों का तरीका और खर्च अलग-अलग होता है. इसलिए सही ऑप्शन चुनना जरूरी है. लेकिन वो कैसे होगा? आइये बताते हैं.
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पर्सनल लोन क्या है?
पर्सनल लोन में बैंक या वित्तीय संस्था आपको एकमुश्त (Lump Sum) रकम देती है. इस रकम को आपको तय समय के भीतर हर महीने EMI के जरिए चुकाना होता है. आमतौर पर इसकी ब्याज दर पहले से तय होती है, जिससे आपको पहले ही पता होता है कि हर महीने कितनी किश्त देनी होगी.
क्रेडिट कार्ड क्या है?
क्रेडिट कार्ड में आपको एक तय क्रेडिट लिमिट मिलती है, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर कभी भी किया जा सकता है. अगर आप बिल की पूरी रकम तय तारीख तक चुका देते हैं, तो आमतौर पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ता. लेकिन अगर भुगतान समय पर नहीं हुआ, तो उस पर भारी ब्याज और अन्य चार्जेस लग सकते हैं.
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पर्सनल लोन वर्सेज क्रेडिट कार्ड
दोनों का इस्तेमाल अलग- अलग तौर पर किया जाता है, जैसे अगर आपको 2 से 5 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम की जरूरत है, जैसे हॉस्पिटल बिल या किसी बड़े काम के लिए, तो पर्सनल लोन बेहतर ऑप्शन है. इसकी EMI तय होती है, जिससे भुगतान करना आसान रहता है और लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का बकाया रखने की तुलना में ये अक्सर सस्ता पड़ता है.
तो वहीं अगर आपको थोड़ा छोटा अमाउंट जैसे 10 या 20 हजार रुपये की जरूरत है, आप अगले महीने सैलरी आने पर पूरा भुगतान कर सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड ज्यादा अच्छा ऑप्शन है. इसमें लोन लेने की प्रक्रिया नहीं होती और पैसे तुरंत मिल जाते हैं.
दोनों में से क्या है बेहतर?
लोन या क्रेडिट कार्ड चुनते समय केवल ब्याज दर ही नहीं देखना चाहिए. पर्सनल लोन पर प्रोसेसिंग फीस और EMI के खतम होने पर पेनाल्टी लग सकती है. वहीं, क्रेडिट कार्ड में लेट पेमेंट चार्ज, फाइनेंस चार्ज और अन्य फीस भी जुड़ सकती हैं. इसलिए कुल खर्च को समझकर ही फैसला लें.