What Is A Babymoon And How To Plan It: मां-बाप बनने का सफर जितना खुशी से भरा होता है, उतना ही इमोशनल भी. बच्चे के आने से पहले होने वाले माता-पिता की जिंदगी में कई बदलाव शुरू हो जाते हैं. अस्पताल की तैयारियां, बच्चे के लिए खरीदारी और भविष्य की योजनाओं के बीच अक्सर दोनों को एक-दूसरे के साथ सुकून से समय बिताने का मौका नहीं मिल पाता. यही वजह है कि आजकल ‘बेबीमून’ का चलन तेजी से बढ़ रहा है.
क्या होता है बेबीमून?
बेबीमून दरअसल एक छोटा-सा ट्रिप होता है, जिस पर होने वाले माता-पिता बच्चे के जन्म से पहले साथ में कुछ यादगार पल बिताने के लिए जाते हैं. इसका मकसद सिर्फ घूमना-फिरना नहीं, बल्कि आने वाली नई जिम्मेदारियों से पहले मानसिक रूप से खुद को तैयार करना और रिश्ते को थोड़ा और मजबूत बनाना होता है.
किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
अगर आप भी बेबीमून की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले सही समय का चुनाव करना जरूरी है. Milkandhoneyranch के अनुसार, गर्भावस्था की दूसरी तिमाही यानी लगभग 14वें से 28वें सप्ताह के बीच यात्रा करना सबसे सुरक्षित माना जाता है. इस दौरान शुरुआती महीनों की थकान और मतली काफी हद तक कम हो जाती है और शरीर भी अपेक्षाकृत बेहतर महसूस करता है. हालांकि, किसी भी यात्रा की योजना बनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
इसे भी पढ़ें – Pimples Before Periods: पीरियड्स से पहले चेहरे पर आने लगते हैं पिंपल्स, समझिए शरीर का ये खास इशारा
किन जगहों का करना चाहिए चुनाव?
बेबीमून के लिए ऐसी जगह चुनें जहां पहुंचने में ज्यादा समय न लगे. बहुत लंबी यात्रा, लगातार पैदल चलना या भागदौड़ वाला कार्यक्रम इस खास ट्रिप का मजा खराब कर सकता है. कोशिश करें कि ऐसी जगह जाएं जहां शांत वातावरण हो, प्राकृतिक खूबसूरती हो और जरूरत पड़ने पर अस्पताल या मेडिकल सुविधा आसानी से उपलब्ध हो. यात्रा के दौरान दिनभर में बहुत सारी एक्टिविटी रखने के बजाय सिर्फ एक या दो हल्के कार्यक्रम ही रखें. सुबह आराम से उठें, खुली हवा में टहलें, किसी सुंदर जगह बैठकर समय बिताएं या अपने पार्टनर के साथ बिना किसी जल्दबाजी के बातें करें. यही छोटे-छोटे पल इस यात्रा को खास बनाते हैं.
इन बातों का भी रखें ध्यान
पैकिंग करते समय भी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. आरामदायक कपड़े, सपोर्टिव फुटवियर, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां, प्रेग्नेंसी विटामिन, हल्के स्नैक्स और मेडिकल रिकॉर्ड अपने साथ जरूर रखें. यात्रा के दौरान समय-समय पर पानी पीते रहें, लंबे समय तक एक ही जगह न बैठें और बीच-बीच में पैरों को स्ट्रेच करते रहें. बेबीमून का मतलब हर दिन नई जगह घूमना नहीं है. आप चाहें तो किसी शांत रिसॉर्ट में रहकर किताब पढ़ सकते हैं, प्रकृति के बीच समय बिता सकते हैं या अपने आने वाले बच्चे के नाम और भविष्य को लेकर आराम से बातें कर सकते हैं. इस दौरान मोबाइल और काम से थोड़ा दूर रहना भी रिश्ते को नई ऊर्जा देता है. बेबीमून प्लान करते समय कुछ बातों से बचना भी जरूरी है. ऐसी जगहों पर जाने से बचें जहां इंफेक्शन या मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा हो. बहुत ऊंचाई वाले इलाकों, अत्यधिक गर्म मौसम और खराब स्वास्थ्य सुविधाओं वाले स्थान भी सही विकल्प नहीं माने जाते.
इसे भी पढ़ें – Childhood Cancer: अब जानलेवा नहीं रहा चाइल्डहुड कैंसर! 85% बच्चों की बच रही जान
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.