बाजार में आग उगल रहे टमाटर-प्याज और आलू, सब्जियों की बढ़ती कीमतों से अब महंगाई बढ़ने का डर

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  • आलू, प्याज, टमाटर के दाम तेज़ी से बढ़े; खाद्य महंगाई का डर.
  • टमाटर 26%, प्याज 11% महंगा; थाली 7% तक महंगी हुई.
  • भीषण गर्मी, बेमौसम बारिश से फसलें खराब; आपूर्ति प्रभावित हुई.
  • अल नीनो, मानसून देरी से खरीफ बुवाई; आगे संकट बढ़ेगा.

Onion-Tomatoes Price Hike: सब्जियां बनाने के लिए अमूमन जिन तीन चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उनकी कीमतें तेजी से बढ़ती जा रही है. मंडियों में आलू, प्याज और टमाटर पहले से महंगे नजर आ रहे हैं. इन तीन चीजों की कीमतें बढ़ने से आगे आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की महंगाई यानी कि फूड इंफ्लेशन बढ़ने का डर अब लोगों को सताने लगा है.

सब्जियों की कितनी बढ़ी है कीमत? 

कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के मुताबिक, पिछले एक महीने से टमाटर के दाम औसतन 18-26%, आलू की 1.3% और प्याज के दाम 11% तक बढ़ चुके हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टमाटर 50% तक महंगा हो गया है. कुछ ऐसा ही हाल दिल्ली-NCR की मंडियों का भी है. आवक घटने से यहां भी दाम दोगुने हो चुके हैं.

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में इन तीनों सब्जियों की कुल हिस्सेदारी 1.75% है इसलिए इनकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई के आंकड़ों पर भी पड़ सकता है. पिछले साल की कीमतों से तुलना करें, तो टमाटर एक साल में 25% महंगा हो चुका है. प्याज की भी कीमतें 3.3% बढ़ी हैं. हालांकि, आलू पिछले साल के मुकाबले 17% सस्ता है. 

आपकी थाली पर कितना पड़ेगा असर?

CRISIl की रिपोर्ट ‘Roti Rice Rate’ के मुताबिक, केवल टमाटर की कीमत बढ़ने की वजह से घर में बनने वाली शाकाहारी थाली 5% और मांसाहारी थाली 7% तक महंगी हो चुकी है. चूंकि, भारत में खाना पकाने के लिए आमतौर पर टमाटर, प्याज और आलू का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है इसलिए इनके महंगे होने से रेस्टारेंट्स में खाना महंगा हो जाएगा, कई फूड प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे. वैसे ही खुदरा महंगाई दर 16 महीने के उच्च स्तर 3.9% पर पहुंच चुकी है. 

क्यों बढ़ रही सब्जियों की कीमतें? 

मई और जून में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और हीट वेव के चलते टमाटर के फसलें खेतों में ही झुलस गईं, जिससे उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचा. ऊपर से भीषण गर्मी होने की वजह से लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टेशन में टमाटर जल्दी सड़ जा रहे हैं. ऐसे में मंडियों में टमाटर की सप्लाई कम होने लगी है.

प्याज के मामले में एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेमौसम बारिश के चलते प्याज के भंडारण को नुकसान पहुंचा है और इसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है. ऐसे में बाजार में अच्छी क्वॉलिटी के प्याज की कमी देखी जा रही है. ऊपर से अल नीनो और मानसून में देरी के चलते खरीफ फसलों की बुआई भी प्रभावित हुई है. ऐसे में आगे संकट और बढ़ सकता है. 

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